Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
ध्यान दें। जन्मस्थान और कृतियों के वर्ष पुस्तकों में थोड़े भिन्न मिल सकते हैं। यहाँ परीक्षा-प्रचलित तथ्य हैं। कई साहित्यकारों का कर्मक्षेत्र उत्तर प्रदेश रहा, भले ही उनका जन्म अन्यत्र हुआ।
राजभाषा और बोलियाँ
- राजभाषा: हिंदी (देवनागरी लिपि)।
- उर्दू को राज्य में द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है (1989 से)।
- राज्य में बोली जाने वाली प्रमुख क्षेत्रीय बोलियाँ:
| बोली | क्षेत्र / जिले (मुख्य) | साहित्यिक पहचान |
|---|---|---|
| अवधी | लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, बाराबंकी, उन्नाव, सीतापुर | रामचरितमानस (तुलसी), पद्मावत (जायसी) |
| भोजपुरी | वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, देवरिया, आज़मगढ़, मऊ, जौनपुर | बिरहा, कजरी और अन्य लोकगीत |
| ब्रजभाषा | मथुरा, आगरा, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, हाथरस | सूरदास का सूरसागर; रीतिकालीन काव्य |
| बुंदेली | झाँसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बाँदा, चित्रकूट | आल्हा, ईसुरी की फागें |
| खड़ी बोली (कौरवी) | मेरठ, सहारनपुर, मुज़फ़्फ़रनगर, बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद | आधुनिक हिंदी का आधार |
| कन्नौजी | कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, कानपुर देहात | ब्रज-अवधी के बीच की बोली |
ध्यान दें: हिंदी भाषा की बोलियाँ सामान्यतः पश्चिमी हिंदी (खड़ी बोली, ब्रज, कन्नौजी, बुंदेली, हरियाणवी) और पूर्वी हिंदी (अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी) में बाँटी जाती हैं; भोजपुरी बिहारी समूह में आती है।
भक्तिकाल और मध्यकालीन साहित्य
| कवि | भाषा / क्षेत्र | कृतियाँ / विशेष |
|---|---|---|
| कबीर | वाराणसी (काशी) | बीजक; निर्गुण भक्ति; साखी, सबद, रमैनी |
| रैदास (रविदास) | वाराणसी | निर्गुण संत; पद गुरु ग्रंथ साहिब में |
| मलिक मुहम्मद जायसी | अवधी; जायस (रायबरेली/अमेठी) | पद्मावत (प्रेमाख्यानक/सूफी काव्य), अखरावट, आखिरी कलाम |
| सूरदास | ब्रजभाषा; आगरा–मथुरा क्षेत्र | सूरसागर, सूर सारावली, साहित्य लहरी; वात्सल्य और शृंगार |
| तुलसीदास | अवधी–ब्रज; राजापुर (बाँदा) / काशी–अयोध्या | रामचरितमानस, विनय पत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली, हनुमान चालीसा |
| रहीम, रसखान | ब्रज | नीति और कृष्ण-भक्ति के दोहे/सवैये |
| भूषण | कानपुर क्षेत्र (टिकवांपुर) | शिवराज भूषण, शिवा बावनी — वीर रस |
| बिहारी, देव, घनानंद | ब्रज; रीतिकाल | बिहारी सतसई आदि |
आधुनिक हिंदी साहित्य
| साहित्यकार | क्षेत्र / जन्मस्थान | प्रमुख कृतियाँ / विशेष |
|---|---|---|
| भारतेंदु हरिश्चंद्र | वाराणसी | "आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक"; अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा; पत्रिकाएँ — कविवचन सुधा, हरिश्चंद्र मैगजीन |
| महावीर प्रसाद द्विवेदी | रायबरेली (दौलतपुर) | सरस्वती पत्रिका के संपादक; "द्विवेदी युग" |
| रामचंद्र शुक्ल | बस्ती (अगौना) | हिंदी साहित्य का इतिहास; आलोचक |
| प्रेमचंद | लमही (वाराणसी) | गोदान, गबन, निर्मला, रंगभूमि, कर्मभूमि, सेवासदन; कफ़न, ईदगाह आदि कहानियाँ; "उपन्यास सम्राट" |
| जयशंकर प्रसाद | वाराणसी | कामायनी, आँसू, स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त; छायावाद के स्तंभ |
| सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' | कर्मक्षेत्र उन्नाव / प्रयागराज | परिमल, अनामिका, राम की शक्ति पूजा, सरोज स्मृति; छायावाद |
| महादेवी वर्मा | फर्रुखाबाद में जन्म; प्रयागराज | यामा, नीहार, दीपशिखा; ज्ञानपीठ 1982; छायावाद |
| सुमित्रानंदन पंत | अल्मोड़ा (कौसानी); प्रयागराज में सक्रिय | चिदंबरा (ज्ञानपीठ 1968); छायावाद |
| हरिवंश राय बच्चन | प्रयागराज (प्रतापगढ़ मूल) | मधुशाला, मधुबाला, निशा निमंत्रण, आत्मकथा (क्या भूलूँ क्या याद करूँ) |
| फ़िराक़ गोरखपुरी | गोरखपुर | उर्दू; गुल-ए-नग़मा — ज्ञानपीठ 1969 |
| हजारी प्रसाद द्विवेदी | बलिया (दुबे का छपरा) | बाणभट्ट की आत्मकथा, कबीर, अशोक के फूल |
| अमृतलाल नागर | लखनऊ | बूँद और समुद्र, अमृत और विष |
| यशपाल | कर्मक्षेत्र लखनऊ | झूठा सच, दिव्या |
| भगवतीचरण वर्मा | उन्नाव | चित्रलेखा |
| श्रीलाल शुक्ल | लखनऊ (अतरौली) | राग दरबारी (व्यंग्य उपन्यास); ज्ञानपीठ 2009 |
| कुँवर नारायण | फैजाबाद/अयोध्या मूल | आत्मजयी; ज्ञानपीठ 2005 |
| केदारनाथ सिंह | बलिया | अभी बिल्कुल अभी, अकाल में सारस; ज्ञानपीठ 2013 |
| अमरकांत | बलिया | कहानी-उपन्यास; ज्ञानपीठ 2009 (श्रीलाल शुक्ल के साथ) |
| गोपालदास 'नीरज' | इटावा / अलीगढ़ | गीतकार–कवि; पद्म भूषण |