← उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन

उत्तर प्रदेश के मेले, त्योहार एवं लोक नृत्य

उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक मेले (कुंभ व माघ मेला प्रयागराज, देव दीपावली, रामनगर की रामलीला, लट्ठमार होली, अयोध्या का दीपोत्सव, बटेश्वर, गढ़मुक्तेश्वर, देवा शरीफ), सरकारी उत्सव (ताज महोत्सव, लखनऊ महोत्सव, गंगा महोत्सव), पर्व-त्योहार, लोक नृत्य (रासलीला, चरकुला, नौटंकी, पाई डंडा), लोक गायन (कजरी, बिरहा, आल्हा, सोहर) और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

📑 Contents (6 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read

ध्यान दें। तिथियाँ पंचांग से तय होती हैं और प्रति वर्ष बदलती हैं। यहाँ मेले का नाम, स्थान और संबंधित अवसर पर जोर है।

प्रमुख धार्मिक मेले

मेला स्थान विवरण
कुंभ मेला प्रयागराज (गंगा–यमुना–सरस्वती संगम) हर 12 वर्ष पर; अर्धकुंभ हर 6 वर्ष; प्रयागराज में 2025 का महाकुंभ (जनवरी–फरवरी 2025) विशाल आयोजन था
माघ मेला प्रयागराज प्रतिवर्ष माघ मास में; कल्पवास की परंपरा
देव दीपावली वाराणसी कार्तिक पूर्णिमा — गंगा के घाटों पर लाखों दीपक
रामनगर की रामलीला रामनगर (वाराणसी) लगभग एक माह चलने वाली विश्व प्रसिद्ध रामलीला; काशी नरेश की परंपरा; भारत की रामलीला यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची (2008) में शामिल है
लट्ठमार होली बरसाना और नंदगाँव (मथुरा) होली से पहले; महिलाएँ पुरुषों पर लाठी बरसाती हैं
जन्माष्टमी मथुरा–वृंदावन कृष्ण जन्मोत्सव
दीपोत्सव अयोध्या दीपावली के पूर्व सरयू तट पर लाखों दीपक; विश्व रिकॉर्ड के प्रयास
राम नवमी मेला अयोध्या चैत्र मास
बटेश्वर मेला आगरा (बाह) कार्तिक में; पशु मेला और शिव मंदिर समूह
गढ़मुक्तेश्वर मेला हापुड़ कार्तिक पूर्णिमा, गंगा स्नान
दादरी (ददरी) मेला बलिया कार्तिक पूर्णिमा; भृगु मुनि की परंपरा; पशु मेला भी
देवा शरीफ मेला (उर्स) बाराबंकी सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह
खिचड़ी मेला गोरखपुर मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में
नौचंदी मेला मेरठ हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक; चैत्र में
सारनाथ, कुशीनगर का बुद्ध पूर्णिमा वाराणसी, कुशीनगर बौद्ध श्रद्धालुओं का जमावड़ा
नैमिषारण्य अमावस्या मेला सीतापुर प्राचीन तीर्थ
कैलाश मेला आगरा श्रावण में

सरकारी/सांस्कृतिक महोत्सव

महोत्सव स्थान समय / विशेषता
ताज महोत्सव आगरा फरवरी — हस्तशिल्प, खान-पान, सांस्कृतिक कार्यक्रम
लखनऊ महोत्सव लखनऊ नवंबर–दिसंबर — नवाबी संस्कृति, कला और शिल्प
गंगा महोत्सव वाराणसी कार्तिक में, शास्त्रीय संगीत-नृत्य
ध्रुपद मेला वाराणसी (तुलसी घाट) शास्त्रीय संगीत समारोह
झाँसी महोत्सव झाँसी रानी लक्ष्मीबाई की स्मृति

This chapter is in the syllabus of

Open an exam to see where this chapter sits in its syllabus, and to practise it.