Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
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सामाजिक संरचना
- धर्म: हिंदू बहुसंख्यक (लगभग 80 %), मुस्लिम (लगभग 19 %), तथा सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन अल्पसंख्यक (जनगणना 2011)।
- अनुसूचित जाति: लगभग 21 % (देश में संख्या की दृष्टि से अग्रणी)।
- अनुसूचित जनजाति: जनसंख्या का बहुत छोटा अंश (लगभग 0.6 %); प्रमुख — थारू (तराई: लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, गोरखपुर), गोंड, खरवार, कोरवा, बैगा, अगरिया, पनिका आदि (सोनभद्र–मिर्जापुर क्षेत्र), तथा हिमालयी सीमा पर कुछ समुदाय।
- भाषा-क्षेत्र: पश्चिम में खड़ी बोली/ब्रज, मध्य में अवधी–कन्नौजी, पूर्व में भोजपुरी, दक्षिण में बुंदेली।
- सबसे बड़ी जनसंख्या वाला राज्य: 2011 में लगभग 19.98 करोड़।
संस्कार और रीति-रिवाज
| संस्कार / प्रथा | विवरण |
|---|---|
| सोलह संस्कार | गर्भाधान से अंत्येष्टि तक — हिंदू समाज में प्रचलित (नामकरण, मुंडन, अन्नप्राशन, उपनयन, विवाह आदि) |
| विवाह | तिलक, मेहंदी, हल्दी, बारात, द्वारचार, सात फेरे, विदाई; निकाह (मुस्लिम समुदाय) में मेहर, क़बूल है की रस्म |
| विवाह गीत | सोहर (जन्म), ब्याह के गारी गीत, विदाई के गीत |
| त्योहार-आधारित रीतियाँ | दशहरे पर रामलीला, दीपावली पर लक्ष्मी-पूजन, छठ पर सूर्यार्घ्य |
| पर्दा और संयुक्त परिवार | ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक; शहरों में एकल परिवार बढ़ रहे हैं |
| गंगा-जमुनी तहज़ीब | हिंदू–मुस्लिम सांस्कृतिक मेल — लखनऊ, बनारस, इलाहाबाद की मिश्रित संस्कृति |
| "पहले आप" की नफ़ासत | लखनवी शिष्टाचार की पहचान |
| सामाजिक समस्याएँ | दहेज, बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या, जातिगत भेदभाव, कम लिंगानुपात (912) |
पहनावा
| वर्ग | पारंपरिक वेश |
|---|---|
| पुरुष | धोती-कुर्ता, कुर्ता-पायजामा, पगड़ी/गमछा, शेरवानी (विशेषकर नवाबी और मुस्लिम समुदाय में) |
| महिलाएँ | साड़ी (बनारसी), सलवार-कमीज़, चिकन के कुर्ते, घाघरा-चोली (ग्रामीण क्षेत्र), गरारा-शरारा (लखनवी) |
| दस्तकारी | चिकनकारी, ज़रदोज़ी, बनारसी ब्रोकेड |
खान-पान
| क्षेत्र / नगर | प्रसिद्ध व्यंजन |
|---|---|
| लखनऊ (अवधी) | गलौटी कबाब, टुंडे कबाबी, लखनवी बिरयानी, दम पुख़्त, निहारी–कुलचा, शीरमाल, रेवड़ी, मलाई-गिलौरी, मक्खन मलाई (शीतकालीन) |
| आगरा | पेठा (प्रसिद्ध मिठाई), दालमोठ, बेड़ई–जलेबी |
| मथुरा–वृंदावन | मथुरा का पेड़ा, लस्सी |
| वाराणसी | बनारसी पान, लस्सी, ठंडई, कचौड़ी–जलेबी, मलइयो (शीतकालीन), लौंगलता |
| प्रयागराज | अमरूद (इलाहाबादी सुर्ख), कचौड़ी |
| मेरठ | गजक, रेवड़ी |
| मलीहाबाद (लखनऊ) | दशहरी आम; चौसा और लँगड़ा (वाराणसी) भी प्रसिद्ध आम की किस्में |
| बुंदेलखंड | बाटी-चोखा, महुआ-आधारित व्यंजन |
| पूर्वांचल | लिट्टी-चोखा, खिचड़ी |
- मुख्य अन्न: गेहूँ, चावल; दाल–चावल–रोटी–सब्जी–अचार।
- खान-पान की पहचान: अवधी दम पुख़्त पकाने की तकनीक (बंद बर्तन में धीमी आँच) को नवाब आसफ-उद-दौला के काल से जोड़ा जाता है।