Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
ध्यान दें। विश्व धरोहर और GI टैग की सूची समय के साथ बढ़ सकती है; यहाँ स्थापित, परीक्षा-प्रचलित तथ्य हैं।
प्राचीन कला-शैलियाँ
| शैली | काल | विशेषता |
|---|---|---|
| मथुरा कला | कुषाण काल (और गुप्त काल) | लाल चित्तीदार बलुआ पत्थर; बुद्ध, तीर्थंकर और हिंदू देवताओं की मूर्तियाँ; स्वदेशी शैली, गांधार प्रभाव से अलग; कनिष्क की सिरविहीन मूर्ति |
| सारनाथ कला | गुप्त काल | चुनार का क्रीम रंग का बलुआ पत्थर; पारदर्शी वस्त्र, शांत मुद्रा, अलंकृत प्रभामंडल; धर्मचक्र प्रवर्तन मुद्रा में बुद्ध |
| गांधार प्रभाव | कुषाण | यूनानी-रोमन तत्व; उत्तर प्रदेश की मथुरा शैली ने इसे संतुलित किया |
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (उत्तर प्रदेश)
| स्थल | जिला | वर्ष | विशेषता |
|---|---|---|---|
| ताजमहल | आगरा | 1983 | शाहजहाँ ने मुमताज़ महल की स्मृति में 1632–1653 ई. में यमुना किनारे बनवाया; सफेद संगमरमर; उस्ताद अहमद लाहौरी को मुख्य वास्तुकार माना जाता है; पीट्रा ड्यूरा (पच्चीकारी), चार मीनारें, चारबाग शैली |
| आगरा का किला | आगरा | 1983 | अकबर ने लाल बलुआ पत्थर से बनवाया; शाहजहाँ ने संगमरमर के भवन जोड़े (मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम, मुसम्मन बुर्ज) |
| फतेहपुर सीकरी | आगरा | 1986 | अकबर की राजधानी (1571–1585); बुलंद दरवाजा, जामा मस्जिद, पंच महल, सलीम चिश्ती की दरगाह |
उत्तर प्रदेश में तीन सांस्कृतिक विश्व धरोहर स्थल हैं (वाराणसी जैसे स्थल अस्थायी/प्रस्तावित सूची की चर्चा में रहे हैं — नवीनतम स्थिति जाँचें)।
लखनऊ और अवध का स्थापत्य
| स्मारक | निर्माता / वर्ष | विशेषता |
|---|---|---|
| बड़ा इमामबाड़ा | आसफ-उद-दौला, 1784 ई. | अकाल-राहत कार्य के रूप में; विशाल बिना खंभे के केंद्रीय हॉल; भूल-भुलैया; वास्तुकार किफायतुल्लाह |
| रूमी दरवाजा | आसफ-उद-दौला, 1784 | कुस्तुंतुनिया (तुर्की) के द्वार की शैली का विशाल द्वार |
| छोटा इमामबाड़ा (हुसैनाबाद इमामबाड़ा) | मुहम्मद अली शाह, 1838 | अलंकृत इमारत और झाड़-फानूस |
| रेजीडेंसी | अवध के नवाब द्वारा ब्रिटिश रेजिडेंट के लिए | 1857 के घेरे का स्मारक |
| ला मार्टिनियर | क्लाउड मार्टिन | यूरोपीय शैली; विद्यालय |
| छतर मंजिल, कैसरबाग, घंटाघर | अवध के नवाब | नवाबी और यूरोपीय मिश्रित शैली |
- अवध की वास्तुकला में ईंट, चूना, गचकारी (stucco) और मछली के चिह्न (नवाबी प्रतीक) की विशेषता है।
प्रमुख किले
| किला | स्थान | विशेष |
|---|---|---|
| झाँसी का किला | झाँसी | बुंदेला राजा बीर सिंह जू देव; रानी लक्ष्मीबाई की स्मृति |
| कालिंजर का किला | बाँदा | चंदेल कालीन; अनेक आक्रमणों का साक्षी; शेरशाह की मृत्यु इसी घेरे में (1545) |
| चुनार का किला | मिर्जापुर | शेरशाह और हुमायूँ का संघर्ष; गंगा के किनारे |
| इलाहाबाद का किला | प्रयागराज | अकबर (1583); गंगा-यमुना संगम पर; भीतर अशोक स्तंभ |
| आगरा का किला | आगरा | विश्व धरोहर |