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उत्तर प्रदेश की कला, स्थापत्य एवं विरासत

उत्तर प्रदेश की प्रमुख कला-शैलियाँ (मथुरा, सारनाथ, अवध), यूनेस्को विश्व धरोहर (ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी), मुगल और अवधी स्थापत्य (लखनऊ के इमामबाड़े, रूमी दरवाजा), प्राचीन मंदिर और किले, वाराणसी-अयोध्या-मथुरा के तीर्थ, शास्त्रीय संगीत-नृत्य (कथक, ठुमरी), हस्तशिल्प व GI उत्पाद और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

📑 Contents (8 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। विश्व धरोहर और GI टैग की सूची समय के साथ बढ़ सकती है; यहाँ स्थापित, परीक्षा-प्रचलित तथ्य हैं।

प्राचीन कला-शैलियाँ

शैली काल विशेषता
मथुरा कला कुषाण काल (और गुप्त काल) लाल चित्तीदार बलुआ पत्थर; बुद्ध, तीर्थंकर और हिंदू देवताओं की मूर्तियाँ; स्वदेशी शैली, गांधार प्रभाव से अलग; कनिष्क की सिरविहीन मूर्ति
सारनाथ कला गुप्त काल चुनार का क्रीम रंग का बलुआ पत्थर; पारदर्शी वस्त्र, शांत मुद्रा, अलंकृत प्रभामंडल; धर्मचक्र प्रवर्तन मुद्रा में बुद्ध
गांधार प्रभाव कुषाण यूनानी-रोमन तत्व; उत्तर प्रदेश की मथुरा शैली ने इसे संतुलित किया

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (उत्तर प्रदेश)

स्थल जिला वर्ष विशेषता
ताजमहल आगरा 1983 शाहजहाँ ने मुमताज़ महल की स्मृति में 1632–1653 ई. में यमुना किनारे बनवाया; सफेद संगमरमर; उस्ताद अहमद लाहौरी को मुख्य वास्तुकार माना जाता है; पीट्रा ड्यूरा (पच्चीकारी), चार मीनारें, चारबाग शैली
आगरा का किला आगरा 1983 अकबर ने लाल बलुआ पत्थर से बनवाया; शाहजहाँ ने संगमरमर के भवन जोड़े (मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम, मुसम्मन बुर्ज)
फतेहपुर सीकरी आगरा 1986 अकबर की राजधानी (1571–1585); बुलंद दरवाजा, जामा मस्जिद, पंच महल, सलीम चिश्ती की दरगाह

उत्तर प्रदेश में तीन सांस्कृतिक विश्व धरोहर स्थल हैं (वाराणसी जैसे स्थल अस्थायी/प्रस्तावित सूची की चर्चा में रहे हैं — नवीनतम स्थिति जाँचें)।

लखनऊ और अवध का स्थापत्य

स्मारक निर्माता / वर्ष विशेषता
बड़ा इमामबाड़ा आसफ-उद-दौला, 1784 ई. अकाल-राहत कार्य के रूप में; विशाल बिना खंभे के केंद्रीय हॉल; भूल-भुलैया; वास्तुकार किफायतुल्लाह
रूमी दरवाजा आसफ-उद-दौला, 1784 कुस्तुंतुनिया (तुर्की) के द्वार की शैली का विशाल द्वार
छोटा इमामबाड़ा (हुसैनाबाद इमामबाड़ा) मुहम्मद अली शाह, 1838 अलंकृत इमारत और झाड़-फानूस
रेजीडेंसी अवध के नवाब द्वारा ब्रिटिश रेजिडेंट के लिए 1857 के घेरे का स्मारक
ला मार्टिनियर क्लाउड मार्टिन यूरोपीय शैली; विद्यालय
छतर मंजिल, कैसरबाग, घंटाघर अवध के नवाब नवाबी और यूरोपीय मिश्रित शैली
  • अवध की वास्तुकला में ईंट, चूना, गचकारी (stucco) और मछली के चिह्न (नवाबी प्रतीक) की विशेषता है।

प्रमुख किले

किला स्थान विशेष
झाँसी का किला झाँसी बुंदेला राजा बीर सिंह जू देव; रानी लक्ष्मीबाई की स्मृति
कालिंजर का किला बाँदा चंदेल कालीन; अनेक आक्रमणों का साक्षी; शेरशाह की मृत्यु इसी घेरे में (1545)
चुनार का किला मिर्जापुर शेरशाह और हुमायूँ का संघर्ष; गंगा के किनारे
इलाहाबाद का किला प्रयागराज अकबर (1583); गंगा-यमुना संगम पर; भीतर अशोक स्तंभ
आगरा का किला आगरा विश्व धरोहर

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