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74वाँ संविधान संशोधन

74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (लागू 1 जून 1993) की पृष्ठभूमि और प्रावधान — भाग IX-A (अनुच्छेद 243P–243ZG), 12वीं अनुसूची के 18 विषय, तीन प्रकार के नगर निकाय, वार्ड समितियाँ, आरक्षण, 5 वर्ष का कार्यकाल, राज्य वित्त आयोग, राज्य निर्वाचन आयोग, जिला व महानगर योजना समितियाँ; 73वें संशोधन से तुलना, राजस्थान में लागू होने की स्थिति और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

📑 Contents (6 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। इस नोट के संवैधानिक अनुच्छेद और संख्याएँ स्थायी हैं और परीक्षा में प्रायः सीधे पूछी जाती हैं।

पृष्ठभूमि

  • स्वतंत्रता के बाद नगरीय स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा नहीं था; वे राज्य सरकारों की मर्जी पर निर्भर रहे — कई बार चुनाव टलते और निकाय भंग होते रहे।
  • प्रमुख समितियाँ और प्रयास: बलवंत राय मेहता समिति (1957) (ग्रामीण); अशोक मेहता समिति (1977); राजीव गांधी सरकार के प्रयास (64वाँ संशोधन विधेयक 1989, राज्यसभा में गिरा); नरसिम्हा राव सरकार के समय 73वाँ और 74वाँ संशोधन (1992)।
  • उद्देश्य: शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा, नियमित चुनाव, आरक्षण, वित्तीय आधार, शक्तियों का हस्तांतरण।

मुख्य तथ्य

बिंदु विवरण
अधिनियम संविधान (74वाँ संशोधन) अधिनियम, 1992
लागू 1 जून 1993
नया भाग भाग IX-A (नगरपालिकाएँ)
अनुच्छेद 243P से 243ZG (कुल 18 अनुच्छेद)
नई अनुसूची 12वीं अनुसूची — नगरपालिकाओं के 18 विषय
संबंधित 73वाँ संशोधन (1992; लागू 24 अप्रैल 1993) — पंचायतें, 11वीं अनुसूची (29 विषय)

प्रमुख प्रावधान

1. नगरपालिकाओं का गठन (अनुच्छेद 243Q)

तीन प्रकार की नगरपालिकाएँ:

निकाय क्षेत्र
नगर पंचायत ग्रामीण से शहरी में संक्रमणशील क्षेत्र
नगर परिषद (नगरपालिका परिषद) छोटे शहरी क्षेत्र
नगर निगम बड़े शहरी क्षेत्र

(राज्य सरकार जनसंख्या, घनत्व, राजस्व, गैर-कृषि रोजगार आदि के आधार पर निर्णय करती है।)

2. संरचना और निर्वाचन (243R)

  • सभी सीटें प्रत्यक्ष निर्वाचन से भरी जाएँगी (वार्ड से)।
  • राज्य विधानमंडल चाहे तो प्रतिनिधित्व दे सकता है — नगरपालिका प्रशासन में अनुभव वाले व्यक्ति (बिना मताधिकार), लोकसभा/विधानसभा/राज्यसभा/परिषद के सदस्य (क्षेत्र में)।
  • अध्यक्ष (महापौर/सभापति) का चुनाव राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित तरीके से।

3. वार्ड समितियाँ (243S)

  • 3 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाली नगरपालिकाओं में वार्ड समितियाँ — एक या अधिक वार्डों को मिलाकर; जनभागीदारी के लिए।

4. आरक्षण (243T)

  • SC और ST — जनसंख्या के अनुपात में।
  • महिलाएँ — कुल सीटों का कम से कम 1/3 (SC/ST की सीटों में भी महिलाओं का 1/3)।
  • अध्यक्ष पद भी राज्य विधानमंडल द्वारा तय पद्धति से आरक्षित।
  • पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण राज्य विधानमंडल की इच्छा पर।

5. कार्यकाल (243U)

  • 5 वर्ष।
  • विघटन होने पर 6 माह के भीतर चुनाव; शेष अवधि के लिए नए निकाय का कार्यकाल (यदि शेष अवधि 6 माह से कम हो, चुनाव आवश्यक नहीं)।

6. शक्तियाँ और उत्तरदायित्व (243W)

  • 12वीं अनुसूची के 18 विषय — राज्य विधानमंडल निकायों को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार दे सकता है जिनसे वे स्वशासन की संस्था के रूप में कार्य कर सकें।

12वीं अनुसूची के विषय (सार)

  1. नगर नियोजन (शहरी योजना सहित)।
  2. भूमि उपयोग और भवन निर्माण का विनियमन।
  3. आर्थिक और सामाजिक विकास की योजना।
  4. सड़कें और पुल।
  5. घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए जल आपूर्ति।
  6. जन स्वास्थ्य, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन।
  7. अग्निशमन सेवाएँ।
  8. नगरीय वानिकी, पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी।
  9. समाज के कमजोर वर्गों (विकलांग, मानसिक रूप से अस्वस्थ) के हितों की रक्षा।
  10. झुग्गी सुधार और उन्नयन।
  11. नगरीय गरीबी उन्मूलन।
  12. उद्यान, खेल के मैदान जैसी नगरीय सुविधाएँ।
  13. सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सौंदर्यपरक पहलुओं को बढ़ावा।
  14. शवदाह, कब्रिस्तान, विद्युत शवदाह।
  15. पशु तालाब, पशु क्रूरता निवारण।
  16. जन्म-मृत्यु पंजीकरण।
  17. सार्वजनिक सुविधाएँ — सड़क प्रकाश, पार्किंग, बस स्टॉप, सार्वजनिक शौचालय।
  18. वधशालाओं और चर्मशोधन (टैनरी) का विनियमन।

7. वित्त (243X–243Y)

  • कर, शुल्क, अनुदान लगाने-वसूलने की शक्ति राज्य कानून से।
  • राज्य वित्त आयोग (243Y) — हर 5 वर्ष में गठित; राज्य और निकायों के बीच राजस्व का वितरण की सिफारिश।
  • केंद्रीय वित्त आयोग राज्य के संचित कोष को बढ़ाने के उपाय सुझाता है।

8. चुनाव और लेखा (243ZA, 243Z)

  • राज्य निर्वाचन आयोग (243K और 243ZA) — चुनाव का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण।
  • निकायों के खातों का अंकेक्षण — राज्य के विधान द्वारा।

9. योजना समितियाँ

  • जिला योजना समिति (243ZD) — पंचायतों और नगरपालिकाओं की योजनाओं का एकीकरण।
  • महानगर योजना समिति (243ZE) — 10 लाख से अधिक आबादी वाले महानगर क्षेत्र में।

10. अन्य

  • संघ राज्य क्षेत्रों में लागू (243ZB)।
  • अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों पर लागू नहीं (243ZC)।
  • निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों का हस्तक्षेप निषिद्ध (243ZG)।
  • भाग IX-A के क्षेत्रों पर संसद का विशेष कानून अलग।

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