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महत्वपूर्ण किले, स्मारक एवं संरचनायें

राजस्थान के दुर्गों का वर्गीकरण (गिरि, जल, वन, धान्वन आदि), यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल छह पहाड़ी किले और अन्य धरोहर स्थल, प्रमुख दुर्गों (चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, जैसलमेर, गागरोण, आमेर, मेहरानगढ़, तारागढ़, जूनागढ़, लोहागढ़) का इतिहास, साके, महल, मंदिर, बावड़ियाँ, झीलें और अन्य स्मारक।

📑 Contents (6 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 6 min read

ध्यान दें। निर्माण-तिथियाँ और निर्माताओं के नाम स्रोतों में भिन्न मिलते हैं; यहाँ परीक्षा में सर्वमान्य तथ्य दिए गए हैं। विश्व धरोहर सूची परिवर्तनशील है, नवीनतम यूनेस्को सूची देख लें।

दुर्गों का वर्गीकरण

प्राचीन ग्रंथों (शुक्रनीति आदि) में दुर्ग के प्रकार बताए गए हैं:

शुक्रनीति आदि में दुर्ग के नौ प्रकार गिनाए गए हैं — एरण, पारिख, पारिघ, गिरि, वन (औद्भिद), धान्वन (मरु), जल (औदक), सैन्य और सहाय। परीक्षा के लिए मुख्य प्रकार और उदाहरण:

प्रकार विवरण राजस्थान का उदाहरण
गिरि दुर्ग पहाड़ी पर बना चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, मेहरानगढ़, आमेर, तारागढ़
जल दुर्ग (औदक) चारों ओर जल से घिरा गागरोण (झालावाड़), भैंसरोडगढ़ (चित्तौड़गढ़)
धान्वन (मरु) दुर्ग मरुस्थल के बीच, जल/वनस्पति रहित क्षेत्र में जैसलमेर, जूनागढ़ (बीकानेर)
मृदा (मिट्टी का) दुर्ग मोटी मिट्टी की दीवार वाला लोहागढ़ (भरतपुर)

(वर्गीकरण के उदाहरण पुस्तकों में भिन्न होते हैं; मुख्य गिरि, जल, मरु और मृदा दुर्गों के उदाहरण याद रखना पर्याप्त है।)

यूनेस्को विश्व धरोहर — राजस्थान

स्थल वर्ष विशेष
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर 1985 प्राकृतिक धरोहर (पक्षी विहार)
जंतर-मंतर, जयपुर 2010 सवाई जयसिंह द्वितीय की वेधशाला
राजस्थान के पहाड़ी किले (Hill Forts of Rajasthan) 2013 छह किले: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोण, आमेर और जैसलमेर
जयपुर शहर (परकोटा) 2019 योजनाबद्ध नगर

(राजस्थान के 4 स्थल उपर्युक्त हैं; भविष्य में सूची बदल सकती है।)

प्रमुख दुर्ग

चित्तौड़गढ़ (चित्तौड़)

  • गंभीरी और बेड़च नदियों के बीच मेसा पठार पर; "गढ़ तो चित्तौड़गढ़, बाकी सब गढ़ैया"; राजस्थान का गौरव।
  • निर्माण की परंपरा चित्रांगद मौर्य से जुड़ी; मान मोरी के बाद बप्पा रावल का अधिकार।
  • तीन साके:
    1. 1303 — रावल रतनसिंह व अलाउद्दीन खिलजी; रानी पद्मिनी का जौहर।
    2. 1535 — बहादुरशाह (गुजरात) के आक्रमण में; रानी कर्णावती का जौहर (विक्रमादित्य के समय)।
    3. 1568 — अकबर का आक्रमण; जयमल व पत्ता (फत्ता) का बलिदान; उदयसिंह पहले ही उदयपुर चले गए थे।
  • प्रमुख स्मारक: विजय स्तंभ (राणा कुंभा; ~1440–48; 9 मंज़िल; "विष्णु ध्वज"), कीर्ति स्तंभ (जैन; जीजा द्वारा; आदिनाथ को समर्पित), पद्मिनी महल, गौमुख कुंड, कुंभ श्याम मंदिर, मीरां मंदिर, कालिका माता मंदिर, समाधिश्वर मंदिर।

कुंभलगढ़ (राजसमंद)

  • राणा कुंभा (1443–1458), शिल्पी मंडन; अरावली की जरगा पहाड़ी।
  • लगभग 36 किमी लंबी दीवार ("भारत की महान दीवार"); बादल महल; कुंभा महल।
  • महाराणा प्रताप का जन्म स्थान (1540)।
  • विश्व धरोहर (2013)।

रणथंभौर (सवाई माधोपुर)

  • चौहान काल; हम्मीर देव और 1301 का साका।
  • रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान की सीमा में; गणेश मंदिर (त्रिनेत्र गणेश)।
  • मुग़ल काल में अकबर (1569) ने जीता।

जैसलमेर (सोनार किला, त्रिकूटगढ़)

  • भाटी राव जैसल (1155); त्रिकूट पहाड़ी; पीले बलुआ पत्थर के कारण सोनार किला/"स्वर्ण गिरि"।
  • दुनिया के कुछ "जीवित किलों" में से एक — भीतर आबादी रहती है।
  • जैन मंदिर, पटवों की हवेली, नथमल की हवेली, सालिम सिंह की हवेली।
  • गडसीसर सरोवर।

गागरोण (झालावाड़)

  • आहू और कालीसिंध नदियों के संगम पर; जल दुर्ग; बिना नींव के बना माना जाता है।
  • खींची चौहान शासक; दो साके: 1423 (अचलदास खींची बनाम होशंगशाह), 1444 (महमूद खिलजी)।
  • सूफी संत हमीदुद्दीन चिश्ती की दरगाह; तोते (हीरामन) प्रसिद्ध।

आमेर (जयपुर)

  • कछवाहा राजवंश; राजा मानसिंह प्रथम ने महल का निर्माण (16वीं सदी का अंत), जय सिंह प्रथम ने विस्तार।
  • शीश महल, सुख निवास, गणेश पोल, दीवान-ए-आम, मावठा झील।
  • जयगढ़ (चील का टीला) — जयबाण तोप (एशिया की सबसे बड़ी पहियों वाली तोपों में गिनी जाती है); नाहरगढ़ (सुदर्शनगढ़)।

मेहरानगढ़ (जोधपुर)

  • राव जोधा, 1459; चिड़ियाटूंक पहाड़ी (मोरध्वज); लगभग 400 फुट ऊँची पहाड़ी।
  • मोती महल, फूल महल, शीश महल; चामुंडा देवी मंदिर; किले में राजस्थान का प्रसिद्ध संग्रहालय।

तारागढ़ (अजमेर)

  • अजयराज चौहान; बीठली पहाड़ी; "राजस्थान का जिब्राल्टर" कहा गया।
  • अकबर का किला (1570) — मैगज़ीन, जहाँ से सर टॉमस रो ने जहाँगीर से मुलाकात की (1616)।

जूनागढ़ (बीकानेर)

  • राजा रायसिंह, 1589–94; पत्थर और लाल बलुआ पत्थर; लालगढ़ पैलेस (गंगासिंह), गंगा गोल्डन जुबली संग्रहालय।

लोहागढ़ (भरतपुर)

  • महाराजा सूरजमल; मिट्टी की मोटी दीवारें — तोप के गोले भी धँस जाते थे; अंग्रेज़ों के छह आक्रमण (1805) विफल।

अन्य उल्लेखनीय दुर्ग

दुर्ग स्थान विशेष
सिवाणा बाड़मेर राठौड़ों; वीर कल्ला राठौड़
जालौर (सोनगढ़) जालौर कान्हड़देव; 1311
तारागढ़ बूंदी बूंदी हाड़ा चौहान; भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध
भैंसरोडगढ़ चित्तौड़गढ़ जल दुर्ग (चंबल-बामनी संगम)
अचलगढ़ माउंट आबू (सिरोही) परमारों का दुर्ग; राणा कुंभा ने पुनर्निर्माण कराया

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