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वन एवं वन्य जीव संरक्षण

राजस्थान के राष्ट्रीय उद्यान, बाघ अभयारण्य (टाइगर रिज़र्व), वन्यजीव अभयारण्य, संरक्षण आरक्षित क्षेत्र, जैविक उद्यान; प्रमुख प्रजातियाँ (बाघ, गोडावण, चिंकारा, घड़ियाल, उड़न गिलहरी, कुरजां आदि); वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972; बिश्नोई समाज और खेजड़ली; राज्य के प्रतीक; संरक्षण योजनाएँ तथा परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

📑 Contents (7 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। अभयारण्यों/टाइगर रिज़र्वों की संख्या और अधिसूचना-वर्ष समय के साथ बदलते हैं। नीचे के नाम परीक्षा में प्रायः पूछे जाने वाले हैं; नवीनतम सूची के लिए राज्य वन विभाग की अधिसूचना देखें।

कानूनी ढाँचा

  • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 — भारत का मुख्य कानून; राजस्थान में लागू।
  • राष्ट्रीय उद्यान — सर्वाधिक संरक्षित; पशुचारण, लकड़ी कटाई, मानव गतिविधि प्रतिबंधित।
  • वन्यजीव अभयारण्य — सीमित मानव गतिविधि; कुछ अधिकारों के साथ।
  • संरक्षण आरक्षित/सामुदायिक आरक्षित — सरकारी/सामुदायिक भूमि पर।
  • बाघ परियोजना (प्रोजेक्ट टाइगर) — 1973 में आरंभ; रणथंभौर पहले नौ बाघ अभयारण्यों में शामिल (1973–74)।
  • राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड — जैव विविधता अधिनियम 2002 के अंतर्गत गठित (राजस्थान में 2010 के आसपास)।
  • वन्यजीव सप्ताह — 1 से 7 अक्तूबर।

राष्ट्रीय उद्यान

उद्यान जिला विशेषता
रणथंभौर सवाई माधोपुर बाघ के लिए विश्व-प्रसिद्ध; रणथंभौर दुर्ग और त्रिनेत्र गणेश मंदिर; 1955 अभयारण्य; 1973 में बाघ परियोजना; 1980 में राष्ट्रीय उद्यान; पद्म तालाब, राजबाग, मलिक तालाब
सरिस्का अलवर बाघ; 1955 अभयारण्य; 1978 बाघ परियोजना में; 1982 में राष्ट्रीय उद्यान; 2004–05 में बाघ लुप्त हो गए, बाद में रणथंभौर से बाघों का पुनर्वास (भारत में पहला बाघ स्थानांतरण)
केवलादेव (घना पक्षी विहार) भरतपुर पक्षियों का स्वर्ग; साइबेरियन क्रेन (अब नहीं आते), प्रवासी पक्षी; रामसर स्थल (1981), राष्ट्रीय उद्यान (1982), विश्व धरोहर (1985); पेंटेड स्टॉर्क
मुकुंदरा हिल्स (दर्रा) कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ दर्रा अभयारण्य से बना; राष्ट्रीय उद्यान (2012), बाघ अभयारण्य (2013); गागरोण के निकट
राष्ट्रीय मरु उद्यान जैसलमेर, बाड़मेर राजस्थान का सबसे बड़ा (लगभग 3,000 वर्ग किमी से अधिक); गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) का मुख्य आवास; आकल वुड फॉसिल पार्क (जैसलमेर) के निकट, जहाँ करोड़ों वर्ष पुराने वृक्ष-जीवाश्म हैं

बाघ अभयारण्य (टाइगर रिज़र्व)

रिज़र्व जिले वर्ष
रणथंभौर सवाई माधोपुर, करौली, बूंदी 1973–74
सरिस्का अलवर 1978
मुकुंदरा हिल्स कोटा, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बूंदी 2013
रामगढ़ विषधारी बूंदी 2022 (राज्य का चौथा)
धौलपुर-करौली धौलपुर, करौली राज्य का पाँचवाँ, हाल की अधिसूचना (वर्ष स्रोत से देखें)

प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य

अभयारण्य जिला विशेषता
माउंट आबू सिरोही भालू, जंगली मुर्गा; अरावली का सर्वोच्च स्थल; सदाबहार वन
सीतामाता प्रतापगढ़ उड़न गिलहरी, चौसिंगा (हिरण); माही के निकट; पक्षी
कुंभलगढ़ राजसमंद भेड़ियों की प्रजनन-स्थली माना जाता है; कुंभलगढ़ किला
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर घड़ियाल, मगरमच्छ, गंगा डॉल्फिन, ऊदबिलाव; 1978 में अधिसूचित (तीन राज्यों — राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश — में विस्तृत)
जवाई बाँध (लेपर्ड) संरक्षण क्षेत्र पाली तेंदुए और मगर
ताल छापर चूरू कृष्ण मृग (काला हिरण), कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) का शीतकालीन प्रवास
टॉडगढ़-रावली अजमेर, पाली, राजसमंद 1983 में अधिसूचित; कर्नल जेम्स टॉड के नाम पर
शेरगढ़ बारां साँप और अन्य वन्यजीव
जयसमंद उदयपुर जयसमंद झील के आसपास; जलचर और पक्षी
फुलवारी की नाल उदयपुर मानसून का जंगल, वनस्पति
सज्जनगढ़ उदयपुर सज्जनगढ़ किला और वन
बस्सी, भैंसरोडगढ़ चित्तौड़गढ़ तेंदुआ, चिंकारा; भैंसरोडगढ़ — चंबल के निकट
बँध बरेठा भरतपुर पक्षी
केशोरायपाटन बूंदी चंबल पर, मगर
जमवा रामगढ़ जयपुर तेंदुआ, चिंकारा
सोरसन बारां कृष्ण मृग

संरक्षण आरक्षित और अन्य क्षेत्र

  • जोड़बीड़ गिद्ध संरक्षण क्षेत्र (बीकानेर) — गिद्ध और गोडावण की उपस्थिति; राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र (NRCC), जोहड़बीड़ (बीकानेर)।
  • जैविक उद्यान: जयपुर चिड़ियाघर (राज्य का पुराना), कोटा का अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क, उदयपुर का सज्जनगढ़ जैविक उद्यान, जोधपुर का माचिया जैविक उद्यान।

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