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राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति

राजस्थान में वनों का क्षेत्र और प्रतिशत, वनों के प्रकार (उष्ण कटिबंधीय शुष्क काँटेदार, उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती, उप-उष्ण कटिबंधीय सदाबहार, उष्ण कटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती), प्रमुख वृक्ष (खेजड़ी, रोहिड़ा, धोक, सालर, खैर, तेंदू, महुआ, सागवान, बाँस), राज्य वृक्ष-पुष्प, वन-जिलों के तथ्य, वन नीति और वन-विभाजन (आरक्षित, संरक्षित, अवर्गीकृत) और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read

ध्यान दें। वन-क्षेत्र के आँकड़े भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) के द्विवार्षिक संस्करणों में बदलते हैं। नीचे के आँकड़े अनुमानित और परीक्षा-स्तर के हैं; नवीनतम रिपोर्ट देखें।

वनों की स्थिति

  • राजस्थान में वन क्षेत्र बहुत कम है — अभिलेखित वन क्षेत्र राज्य के क्षेत्रफल का लगभग 9–10 % और वास्तविक वन आवरण (ISFR) लगभग 4.8–4.9 % (अर्थात् लगभग 16,000–17,000 वर्ग किमी)।
  • राष्ट्रीय वन नीति (1988) का लक्ष्य 33 % भू-भाग पर वन; राजस्थान इस लक्ष्य से बहुत पीछे है।
  • राजस्थान वन नीति 2010 — वन-आवरण बढ़ाने, जैव विविधता और समुदाय की भागीदारी पर।
  • सर्वाधिक वन वाला जिला: उदयपुर; सबसे कम वन वाले जिलों में चूरू और पश्चिमी मरुस्थलीय जिले (वर्षानुसार क्रम बदल सकता है)।
  • वनों का अधिकांश भाग अरावली और दक्षिणी राजस्थान में।
  • वन विभाग — राजस्थान वन विभाग; मुख्यालय जयपुर।

कानूनी वर्गीकरण

श्रेणी अर्थ
आरक्षित वन सर्वाधिक सुरक्षित; खेती, चराई, लकड़ी काटना निषिद्ध (अनुमति के बिना)
संरक्षित वन सीमित अधिकार (स्थानीय लोगों के कुछ अधिकार)
अवर्गीकृत वन सरकारी/निजी स्वामित्व वाले वनों के शेष क्षेत्र; सुरक्षा कम

(राजस्थान में संरक्षित वन अपेक्षाकृत अधिक, आरक्षित कम हैं।)

वनों के प्रकार

वन क्षेत्र विशेषता प्रमुख वृक्ष
उष्ण कटिबंधीय शुष्क काँटेदार वन पश्चिमी राजस्थान — जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, नागौर, श्रीगंगानगर कम वर्षा (10–50 सेमी); काँटेदार, कम ऊँचाई खेजड़ी, बबूल (कीकर), बेर, केर, फोग, आक, रोहिड़ा, नीम, कुमटा, थोर, सेवण घास
उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन अरावली की पहाड़ियाँ, अलवर, जयपुर, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, उदयपुर, राजसमंद वर्षा 50–100 सेमी; शीत में पत्ते झड़ते धोक (सर्वाधिक), सालर, खैर, तेंदू, पलाश (ढाक), आँवला, बाँस, महुआ, गूलर, कत्था
उष्ण कटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन दक्षिणी राजस्थान — बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, उदयपुर के कुछ भाग वर्षा 80 सेमी से अधिक; घने सागवान (सागौन), बाँस, तेंदू, महुआ, आम, जामुन, खैर
उप-उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन माउंट आबू (सिरोही) — लगभग 900 मी से ऊपर सर्वाधिक वर्षा (150 सेमी+); सदाबहार जंगली बेर, ऑर्किड, आम, जामुन, बाँस, फर्न; विविध औषधीय पौधे

(वनों का वर्गीकरण चैंपियन और सेठ के आधार पर: उष्ण कटिबंधीय शुष्क काँटेदार, शुष्क पर्णपाती, आर्द्र पर्णपाती आदि।)

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