Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
ध्यान दें। तापमान और वर्षा के रिकॉर्ड समय के साथ टूटते रहते हैं। यहाँ परीक्षा में प्रचलित तथ्य दिए गए हैं; नवीनतम मौसम-रिकॉर्ड के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देखें।
जलवायु की सामान्य विशेषताएँ
- राजस्थान की जलवायु शुष्क से उप-आर्द्र है — पश्चिम में शुष्क/अर्द्ध-शुष्क, पूर्व और दक्षिण-पूर्व में उप-आर्द्र/आर्द्र।
- गर्मी अत्यंत तीव्र, सर्दी कड़ाके की, वर्षा कम और अनिश्चित; दैनिक और वार्षिक तापांतर अधिक।
- राज्य की औसत वार्षिक वर्षा लगभग 57 सेमी (अलग-अलग वर्षों में भारी अंतर)।
- 90 % से अधिक वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून–सितंबर) से होती है।
जलवायु के नियंत्रक कारक
| कारक | प्रभाव |
|---|---|
| स्थिति | कर्क रेखा के निकट; उत्तर-पश्चिमी भारत का महाद्वीपीय क्षेत्र |
| समुद्र से दूरी | मरुस्थल में समुद्री प्रभाव बहुत कम |
| अरावली की स्थिति | अरब सागर की शाखा अरावली के समानांतर चलती है, इसलिए पश्चिम में वर्षा नहीं होती; बंगाल की खाड़ी की शाखा पूर्वी भाग में वर्षा लाती है |
| ऊँचाई | माउंट आबू (ठंडा) बनाम मरुस्थल (गर्म) |
| वनस्पति कम | तापमान अधिक |
| पश्चिमी विक्षोभ | सर्दियों में हल्की वर्षा (मावठ) |
ऋतुएँ
| ऋतु | समय | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| ग्रीष्म | मार्च–जून | अधिकतम 44–50 °C; लू (गर्म पवन); आँधियाँ |
| वर्षा | जुलाई–सितंबर | मानसून का आगमन (दक्षिण-पूर्व से), वापसी (सितंबर) |
| शरद (मानसून-पश्चात्) | अक्तूबर–नवंबर | मौसम शुष्क, सुहावना; तापमान घटता है |
| शीत | दिसंबर–फरवरी | कड़ाके की ठंड; पाला; पश्चिमी विक्षोभ से मावठ |
तापमान
- ग्रीष्म में सर्वाधिक तापमान — फलोदी (जोधपुर) में मई 2016 में 51 °C दर्ज हुआ, जो देश के सबसे ऊँचे दर्ज तापमानों में है; चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर भी अत्यंत गर्म रहते हैं।
- सर्दी में न्यूनतम तापमान — माउंट आबू (सिरोही), फतेहपुर (सीकर), चूरू, करौली-धौलपुर आदि; माउंट आबू में कभी-कभी शून्य से नीचे।
- सर्वाधिक वार्षिक तापांतर — चूरू (अत्यंत गर्म और अत्यंत ठंडा)।
- सबसे कम तापांतर — माउंट आबू और दक्षिण-पूर्वी भाग।
- औसत तापमान: जनवरी में लगभग 10–16 °C; जून में लगभग 32–38 °C (औसत)।
वर्षा
वितरण
| भाग | वर्षा (सेमी, लगभग) |
|---|---|
| पश्चिमी जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर का कुछ भाग | 10–20 सेमी (न्यूनतम) |
| बाड़मेर, जोधपुर, चूरू, नागौर, पाली | 20–40 |
| जयपुर, अजमेर, सीकर, टोंक | 40–60 |
| भरतपुर, धौलपुर, कोटा, बारां, चित्तौड़गढ़ | 60–90 |
| झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर (भाग) | 80–100 |
| माउंट आबू (सिरोही) | 150 सेमी से अधिक (राज्य में सर्वाधिक) |
- सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान: माउंट आबू; सबसे अधिक वर्षा वाला जिला: झालावाड़ (कुछ वर्षों में बाँसवाड़ा)।
- सबसे कम वर्षा वाला जिला: जैसलमेर (लगभग 10–20 सेमी)।
- वर्षा की विषमता: पूर्व से पश्चिम की ओर घटती; अरावली की पूर्वी ढलानों पर अधिक; वृष्टि छाया में पश्चिम।
मानसून की शाखाएँ
- अरब सागर की शाखा: दक्षिण-पश्चिम से आती है, पर अरावली के समानांतर चलने से राजस्थान में विशेष वर्षा नहीं करती; माउंट आबू पर वर्षा करती है।
- बंगाल की खाड़ी की शाखा: पूर्व से (गंगा मैदान से) आती है, पूर्वी राजस्थान में वर्षा करती है।
- मानसून का आगमन: सामान्यतः जून के अंत/जुलाई के प्रथम सप्ताह में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (बाँसवाड़ा) से; वापसी सितंबर में पश्चिम से।
वर्षा के प्रकार
- पर्वतीय वर्षा (माउंट आबू), संवहनीय वर्षा (गर्मी में आँधी के साथ), चक्रवाती वर्षा (पश्चिमी विक्षोभ से — शीत ऋतु की "मावठ")।