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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं प्रशासनिक ढाँचा

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर, खंडपीठ इंदौर-ग्वालियर), अधीनस्थ न्यायालय, लोक अदालत, पारिवारिक एवं विशेष न्यायालय, राज्य की प्रशासनिक इकाइयाँ (सचिवालय, संभाग, जिला, तहसील, विकासखंड), पुलिस व्यवस्था, राजस्व प्रशासन, तथा महत्त्वपूर्ण आयोग-प्राधिकरण और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read

ध्यान दें। न्यायाधीशों की संख्या और पदधारक नाम बदलते हैं; इस नोट में संरचना और स्थापित तथ्यों पर जोर है। पदधारकों की जानकारी परीक्षा से पहले जाँचें।

उच्च न्यायालय

बिंदु विवरण
मुख्य पीठ जबलपुर
खंडपीठ (बेंच) इंदौर और ग्वालियर
अधिकार-क्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश
संवैधानिक आधार अनुच्छेद 214 — प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय
न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा; मुख्य न्यायाधीश के मामले में CJI से परामर्श, अन्य न्यायाधीशों के लिए कॉलेजियम की सिफारिश
सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष
मुख्य न्यायाधीश राज्य न्यायपालिका के प्रमुख (नाम समय-संवेदी)
  • अनुच्छेद 226 — मौलिक अधिकारों तथा "अन्य किसी उद्देश्य" हेतु रिट जारी करने की शक्ति (सर्वोच्च न्यायालय के अनुच्छेद 32 से व्यापक क्षेत्र)।
  • रिट के प्रकार (5): बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा।
  • अनुच्छेद 227 — अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण।
  • अनुच्छेद 235 — जिला न्यायालयों पर उच्च न्यायालय का नियंत्रण।
  • मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का गठन राज्य पुनर्गठन (1956) के समय हुआ; जबलपुर में मुख्य पीठ।

अधीनस्थ न्यायालय

स्तर न्यायालय
जिला स्तर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सिविल व आपराधिक मामलों का सर्वोच्च जिला न्यायालय)
अपर जिला न्यायाधीश जिला न्यायाधीश के अधीन
सिविल जज (वरिष्ठ / कनिष्ठ श्रेणी) दीवानी मामले
न्यायिक दंडाधिकारी (JMFC) आपराधिक मामले (प्रथम श्रेणी)
पारिवारिक न्यायालय वैवाहिक, भरण-पोषण आदि
उपभोक्ता आयोग राज्य / जिला स्तर
श्रम न्यायालय, औद्योगिक न्यायाधिकरण श्रम विवाद
लोक अदालत / राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सहमति से निपटारा; विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जबलपुर) निःशुल्क विधिक सहायता
  • ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 — ग्रामीण स्तर पर त्वरित न्याय; मध्यप्रदेश में भी कुछ ग्राम न्यायालय संचालित (संख्या समय-संवेदी)।
  • न्यायिक सेवा में चयन: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा सिविल जज (प्रवेश स्तर) की परीक्षा; जिला न्यायाधीश की नियुक्ति राज्यपाल, उच्च न्यायालय की सलाह से (अनुच्छेद 233)।

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