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मध्यप्रदेश का शासन तंत्र — राज्यपाल, मंत्रिपरिषद एवं विधानसभा

मध्यप्रदेश का गठन (1 नवंबर 1956), संवैधानिक ढाँचा, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद, एकसदनीय विधानसभा (230 सीटें), लोकसभा-राज्यसभा प्रतिनिधित्व, राज्य के संवैधानिक निकाय (राज्य निर्वाचन आयोग, लोक सेवा आयोग, मानवाधिकार, सूचना आयोग), संभाग-जिला प्रशासन एवं परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

समय-संवेदी विषय। पदधारकों के नाम बदलते रहते हैं। संरचना, नियम और सीटों की संख्या स्थिर तथ्य हैं; नाम अक्टूबर 2026 तक की जानकारी पर आधारित हैं — परीक्षा से पहले नवीनतम स्थिति जाँचें।

राज्य का गठन और स्वरूप

  • मध्यप्रदेश का वर्तमान स्वरूप 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत बना।
  • राजधानी — भोपाल; उच्च न्यायालय — जबलपुर (इंदौर और ग्वालियर में खंडपीठ)।
  • प्रथम राज्यपाल — डॉ. पट्टाभि सीतारमैया; प्रथम मुख्यमंत्री — पं. रविशंकर शुक्ल।
  • 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना; इसके बाद मध्यप्रदेश क्षेत्रफल में देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है (राजस्थान के बाद)।
  • शासन प्रणाली: संसदीय — राज्य में राज्यपाल नाममात्र प्रमुख और मुख्यमंत्री वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख।

राज्यपाल

बिंदु विवरण
नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा (अनुच्छेद 155)
कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत
योग्यता भारत का नागरिक, 35 वर्ष की आयु पूर्ण
विवेकाधीन शक्तियाँ त्रिशंकु विधानसभा में मुख्यमंत्री चुनना, राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, विधेयक को आरक्षित करना
अध्यादेश अनुच्छेद 213 — विधानमंडल का सत्र न चल रहा हो तब
विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति राज्यपाल (राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों के)
निवास राजभवन, भोपाल
  • अनुसूचित क्षेत्रों (पाँचवीं अनुसूची) के संबंध में राज्यपाल की विशेष शक्तियाँ हैं; मध्यप्रदेश में जनजातीय सलाहकार परिषद भी है।
  • वर्तमान राज्यपाल: मंगुभाई छगनभाई पटेल (जुलाई 2021 से)।

मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद

  • अनुच्छेद 163 — राज्यपाल को सहायता-परामर्श हेतु मंत्रिपरिषद; अनुच्छेद 164 — मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा, अन्य मंत्री मुख्यमंत्री की सलाह पर।
  • 91वाँ संशोधन (2003): मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा सदस्यों का अधिकतम 15 % (और न्यूनतम 12 सदस्य) — 230 सदस्यों की विधानसभा में अधिकतम 34 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित)।
  • सामूहिक उत्तरदायित्व (अनुच्छेद 164(2)) — मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी।
  • वर्तमान मुख्यमंत्री: डॉ. मोहन यादव (13 दिसंबर 2023 से), उपमुख्यमंत्री — जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल (आरंभ में दोनों)।

मुख्यमंत्रियों की कुछ यादगार तथ्य-सूची

मुख्यमंत्री उल्लेखनीय
पं. रविशंकर शुक्ल पहले मुख्यमंत्री (1956)
द्वारका प्रसाद मिश्र 1963–67
अर्जुन सिंह 1980–85
दिग्विजय सिंह 1993–2003 (लगातार दो कार्यकाल, 10 वर्ष)
उमा भारती 2003–04 (पहली महिला मुख्यमंत्री)
शिवराज सिंह चौहान सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री (कुल लगभग 16+ वर्ष)
कमलनाथ 2018–20

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