Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
ध्यान दें। तिथियाँ स्रोतों में 1–5 वर्ष भिन्न मिल सकती हैं; यहाँ प्रचलित तिथियाँ दी गई हैं।
दिल्ली सल्तनत और मालवा
- 13वीं–14वीं सदी: इल्तुतमिश ने विदिशा-उज्जैन पर आक्रमण किया (लगभग 1234–35; उज्जैन के महाकाल मंदिर को क्षति); अलाउद्दीन खिलजी ने 1305 में मालवा पर अधिकार किया।
- मुहम्मद बिन तुगलक और फिरोज तुगलक के समय मालवा दिल्ली के प्रांत के रूप में।
मालवा सल्तनत (1401–1531)
| शासक | विवरण |
|---|---|
| दिलावर खाँ गोरी (1401) | तैमूर के आक्रमण (1398) के बाद स्वतंत्र मालवा की स्थापना; धार राजधानी |
| होशंगशाह (1405–1435) | माँडू को राजधानी बनाया; होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम) नगर बसाया; होशंगशाह का मकबरा (माँडू) — भारत का पहला संगमरमर का मकबरा (प्रचलित कथन) |
| महमूद खिलजी (1436–1469) | खिलजी वंश की स्थापना; राणा कुंभा से संघर्ष (सारंगपुर 1437 — कुंभा विजयी); माँडू में महल; चित्तौड़ पर आक्रमण |
| ग़यासुद्दीन खिलजी | ऐश-पसंद; माँडू के भव्य महल, शाही हरम |
| नासिरुद्दीन, महमूद द्वितीय | पतन; गुजरात के बहादुरशाह ने 1531 में मालवा जीता |
| बाज बहादुर (1555–1561) | अंतिम स्वतंत्र शासक; संगीत-प्रेमी; रूपमती (गायिका) से प्रेम की कथा; 1561 में अकबर के सेनापति अधम खाँ ने सारंगपुर में पराजित किया; मालवा मुगल सूबा |
माँडू (धार) के स्मारक
- जहाज महल, हिंडोला महल, अशर्फी महल, जामा मस्जिद, होशंगशाह का मकबरा, रूपमती मंडप, बाज बहादुर का महल, नीलकंठ महल।
- माँडू — "खुशियों का नगर" कहा जाता है; इंडो-अफ़ग़ान शैली।
ग्वालियर के तोमर और मुग़ल काल
- तोमर वंश (15वीं सदी): राजा मानसिंह तोमर (1486–1517) — ग्वालियर किला का मानमंदिर महल; ध्रुपद गायन के संरक्षक; "मानकुतूहल" ग्रंथ; मृगनयनी (गूजरी रानी) के लिए गूजरी महल (आज पुरातत्व संग्रहालय)।
- सिकंदर लोदी, इब्राहिम लोदी ने ग्वालियर पर आक्रमण किए (इब्राहिम लोदी — 1517)।
- तानसेन — ग्वालियर के निकट बेहट में जन्म; रीवा के राजा रामचंद्र बघेला के दरबार में; बाद में अकबर के नवरत्न; राग "मियाँ की मल्हार, दरबारी कानड़ा"; ग्वालियर में समाधि; तानसेन समारोह (दिसंबर)।
- मुगल काल: बाबर ने चंदेरी (1528, मेदिनी राय) पर विजय पाई; हुमायूँ-शेरशाह संघर्ष; शेरशाह सूरी ने मालवा पर अधिकार किया (1542); अकबर ने मालवा (1561), गढ़ा-मंडला (1564, रानी दुर्गावती) जीता; बुरहानपुर (खानदेश) मुगल दक्षिणी अभियानों का मुख्य केंद्र; शाहजहाँ की पत्नी मुमताज महल की मृत्यु बुरहानपुर (1631)।
- औरंगजेब के समय मालवा सूबे का दक्षिणी भाग मराठा आक्रमणों के क्षेत्र में।