← मध्यप्रदेश का भूगोल

मध्यप्रदेश की जलवायु एवं मृदा

मध्यप्रदेश की जलवायु (उपोष्ण मानसूनी), ऋतुएँ, तापमान और वर्षा का वितरण, जलवायु प्रदेश; मृदा के प्रकार (काली, लाल-पीली, जलोढ़, मिश्रित, कछारी, लेटेराइट), उनका क्षेत्र, गुण और फसलें; मृदा अपरदन व संरक्षण, मृदा परीक्षण और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

📑 Contents (7 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। वर्षा और तापमान के रिकॉर्ड समय के साथ बदलते हैं; यहाँ परीक्षा में प्रचलित सामान्य तथ्य हैं।

जलवायु — सामान्य विशेषताएँ

  • मध्यप्रदेश की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी / उपोष्ण है; कर्क रेखा राज्य के मध्य से गुजरती है।
  • समुद्र से दूरी और पठारी भू-आकृति के कारण महाद्वीपीय प्रभाव — गर्मी तेज, सर्दी तीक्ष्ण।
  • औसत वार्षिक वर्षा लगभग 110–115 सेमी (राज्य औसत)।
  • मानसून का आगमन सामान्यतः जून के मध्य में; वापसी सितंबर के अंत में।

ऋतुएँ

ऋतु समय विशेषताएँ
ग्रीष्म मार्च–जून अधिकतम तापमान 40–46 °C; लू; उत्तरी जिले (ग्वालियर, भिंड, मुरैना, खजुराहो-नौगाँव) अधिक गर्म
वर्षा मध्य जून–सितंबर 90 % से अधिक वर्षा इसी ऋतु में; अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की शाखाओं से
शरद (मानसून-पश्चात्) अक्तूबर–नवंबर तापमान घटता है; मौसम सुहावना
शीत दिसंबर–फरवरी न्यूनतम तापमान 4–10 °C; पाला; पचमढ़ी, उत्तरी जिलों में अधिक ठंड

वर्षा का वितरण

  • पूर्व से पश्चिम की ओर घटती और दक्षिण-पूर्व में अधिक।
  • सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्र: पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी — बालाघाट, मंडला, सिवनी, डिंडोरी, छिंदवाड़ा; पचमढ़ी (नर्मदापुरम) — राज्य में सर्वाधिक (लगभग 200 सेमी तक)।
  • कम वर्षा के क्षेत्र: पश्चिमी — झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, खंडवा (लगभग 70–90 सेमी) और उत्तर-पश्चिम — भिंड, मुरैना, श्योपुर (लगभग 70–80 सेमी)।
  • वर्षा-विषमता और सूखे का खतरा — बुंदेलखंड और पश्चिम निमाड़ में।

वर्षा के आधार पर क्षेत्र (प्रचलित)

क्षेत्र वर्षा
अति-वर्षा (150 सेमी से अधिक) बालाघाट, मंडला, पचमढ़ी क्षेत्र
अधिक वर्षा (125–150 सेमी) सिवनी, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, नरसिंहपुर, होशंगाबाद
मध्यम वर्षा (100–125 सेमी) जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, भोपाल, सीहोर, रायसेन, इंदौर, उज्जैन (लगभग)
कम वर्षा (75–100 सेमी) ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, मंदसौर, नीमच, रतलाम, झाबुआ
न्यूनतम वर्षा (75 सेमी से कम) भिंड, मुरैना के कुछ भाग

(सीमाएँ अनुमानित; पुस्तकों में थोड़ा भिन्न।)

जलवायु प्रदेश (भौगोलिक आधार)

  • उत्तरी मैदानी भाग — अत्यधिक गर्म, कम वर्षा (ग्वालियर-चंबल)।
  • बुंदेलखंड और बघेलखंड — शुष्क/अर्द्ध-शुष्क, गर्मी तीव्र।
  • मालवा पठार — मध्यम वर्षा, सुखद जलवायु (कम तापांतर)।
  • नर्मदा घाटी — गर्म, आर्द्र।
  • सतपुड़ा-महादेव पहाड़ियाँ — ठंडी और अधिक वर्षा (पचमढ़ी)।
  • पूर्वी पठार (मैकल) — आर्द्र।

This chapter is in the syllabus of

Open an exam to see where this chapter sits in its syllabus, and to practise it.