Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
ध्यान दें। अभयारण्यों/टाइगर रिज़र्वों की संख्या, बाघों की संख्या और वन आवरण के आँकड़े समय के साथ बदलते हैं; यहाँ परीक्षा-प्रचलित तथ्य हैं और नवीनतम सूची के लिए वन विभाग/NTCA/ISFR देखें।
वन-क्षेत्र
- मध्यप्रदेश के पास क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा वन आवरण है (लगभग 77,000 वर्ग किमी, राज्य के क्षेत्रफल का लगभग 25 % — भारत वन स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, संस्करण-दर-संस्करण थोड़ा बदलता है)।
- वन की श्रेणियाँ: आरक्षित वन (सर्वाधिक), संरक्षित वन, अवर्गीकृत वन।
- सर्वाधिक वन वाले जिले: बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, उमरिया, शहडोल; सबसे कम: भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर के मैदानी भाग आदि।
- वन प्रशासन: मध्यप्रदेश वन विभाग (भोपाल); प्रधान मुख्य वन संरक्षक।
- वन संबंधी संस्थान: भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM), भोपाल; उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (TFRI), जबलपुर।
वनों के प्रकार
| वन | क्षेत्र | प्रमुख वृक्ष |
|---|---|---|
| उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (सर्वाधिक) | अधिकांश राज्य — मालवा, बुंदेलखंड, निमाड़ आदि | सागौन (टीक), साल, तेंदू, महुआ, बाँस, खैर, धावड़ा, अचार (चिरौंजी), सेमल, पलाश |
| उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन | पूर्वी — बालाघाट, मंडला, सिवनी, डिंडोरी, शहडोल, अनूपपुर | साल (प्रमुख), सागौन, बाँस, बीजा, सेजा |
| मिश्रित वन | सतपुड़ा-महादेव श्रेणी, पचमढ़ी | सागौन + अन्य |
| झाड़ीदार/ काँटेदार वन | उत्तर-पश्चिम — भिंड, मुरैना, श्योपुर | खेजड़ी, बबूल, बेर, पलाश |
- सागौन (टीक) — इमारती लकड़ी के लिए प्रसिद्ध; बैतूल, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट।
- साल — मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, शहडोल (पूर्वी)।
- तेंदू पत्ता — बीड़ी उद्योग; लघु वनोपज का प्रमुख — मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ।
- महुआ, चिरौंजी, हर्रा, बहेड़ा, आँवला, गोंद, लाख — वनोपज।
राज्य के प्रतीक
| प्रतीक | नाम |
|---|---|
| राज्य पशु | बारहसिंगा (दलदल का हिरण / Swamp Deer) — कान्हा की पहचान |
| राज्य पक्षी | दूधराज (शाह बुलबुल / Paradise Flycatcher) |
| राज्य वृक्ष | बरगद |
| राज्य पुष्प | सफेद लिली |
| राज्य मछली | महासीर |
| राज्य खेल | मलखंभ |
राष्ट्रीय उद्यान
| उद्यान | जिला | विशेषता |
|---|---|---|
| कान्हा | मंडला, बालाघाट | मध्यप्रदेश का सबसे प्रसिद्ध; 1955 में राष्ट्रीय उद्यान; लगभग 940 वर्ग किमी (मूल क्षेत्र); बारहसिंगा का संरक्षण; रुडयार्ड किपलिंग की "जंगल बुक" से जुड़ाव (प्रेरणा-स्थल); बाघ, तेंदुआ, गौर, बारहसिंगा; 1973 में बाघ परियोजना से जुड़ा |
| बांधवगढ़ | उमरिया | बाघों का सर्वाधिक घनत्व (प्रचलित); 1968 में राष्ट्रीय उद्यान; सफेद बाघ (मोहन) की खोज (रीवा के महाराजा मार्तंड सिंह, 1951); बांधवगढ़ किला |
| पेंच | सिवनी, छिंदवाड़ा | "जंगल बुक" का मोगली (सिवनी क्षेत्र) से जुड़ा; इंदिरा प्रियदर्शिनी पेंच राष्ट्रीय उद्यान; पेंच टाइगर रिज़र्व |
| सतपुड़ा | नर्मदापुरम (होशंगाबाद), बैतूल, छिंदवाड़ा | 1981; पचमढ़ी और बोरी अभयारण्य के साथ सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व |
| पन्ना | पन्ना, छतरपुर | बाघ पुनर्स्थापन परियोजना (2009 के बाद) — बाघ शून्य होने के बाद सफल; केन नदी, घड़ियाल |
| संजय | सीधी, सिंगरौली | संजय डुबरी टाइगर रिज़र्व (अब); सोन नदी क्षेत्र |
| माधव | शिवपुरी | 1958; सख्य सागर (झील); सिंधिया शासकों का शिकारगाह; चीतल, साँभर |
| वन विहार | भोपाल | भोपाल के बड़े तालाब किनारे; शहर के भीतर राष्ट्रीय उद्यान; चिड़ियाघर-सह |
| कूनो | श्योपुर | कूनो राष्ट्रीय उद्यान (पालपुर); चीता पुनर्स्थापन परियोजना — 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए (भारत में चीता 1952 में विलुप्त घोषित); बाद में दक्षिण अफ्रीका से और चीते; "चीता राज्य" की चर्चा |
| फॉसिल (घुघवा) | डिंडोरी | जीवाश्म उद्यान (लाखों साल पुराने जीवाश्म) |
| डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान | धार (बाग, कुक्षी) | डायनासोर के अंडे और जीवाश्म |
(मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या लगभग 11–12 बताई जाती है; सूची नवीनतम स्रोत से मिलाएँ।)