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मध्यप्रदेश की नदियाँ एवं अपवाह तंत्र

मध्यप्रदेश का अपवाह तंत्र — जल-विभाजक (विंध्याचल), तीन प्रमुख नदी-प्रणालियाँ (गंगा-यमुना, नर्मदा-ताप्ती, माही-अरब सागर), प्रमुख नदियाँ (नर्मदा, ताप्ती, चंबल, बेतवा, केन, सोन, क्षिप्रा, माही, सिंध, काली सिंध, पार्वती, तवा आदि) के उद्गम, मार्ग, सहायक, बाँध, जलप्रपात, झीलें और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

📑 Contents (10 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 6 min read

ध्यान दें। नदियों की लंबाई और बाँधों की क्षमता स्रोतों में भिन्न मिलती है; यहाँ सर्वाधिक प्रचलित तथ्य हैं।

अपवाह तंत्र की रूपरेखा

मध्यप्रदेश की अधिकांश नदियाँ वर्षा-आश्रित (मौसमी) हैं, पर नर्मदा जैसी नदियाँ वर्ष भर बहती हैं। विंध्याचल-सतपुड़ा की स्थिति से राज्य का जल तीन दिशाओं में जाता है:

नदी-प्रणाली दिशा / गंतव्य प्रमुख नदियाँ
गंगा-यमुना प्रणाली (बंगाल की खाड़ी) उत्तर और उत्तर-पूर्व चंबल, सिंध, बेतवा, केन, धसान, सोन, टोंस, काली सिंध, पार्वती, क्षिप्रा, गंभीर
नर्मदा-ताप्ती प्रणाली (अरब सागर) पश्चिम नर्मदा, ताप्ती
माही प्रणाली (अरब सागर) पश्चिम माही
गोदावरी प्रणाली (बंगाल की खाड़ी) दक्षिण वैनगंगा, पेंच, कन्हान (बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा)
महानदी बेसिन पूर्व (छत्तीसगढ़ की ओर; मध्यप्रदेश का सीमित भाग)

विंध्याचल और सतपुड़ा — जल-विभाजक की भूमिका। नर्मदा और ताप्ती भ्रंश घाटी में पश्चिम की ओर बहती हैं (भारत की प्रायद्वीपीय नदियों में अपवाद, जो प्रायः पूर्व की ओर बहती हैं)।

नर्मदा नदी

Formulaप्रमुख तथ्य
  • उद्गम: अमरकंटक (अनूपपुर), मैकल श्रेणी, लगभग 1,057 मी की ऊँचाई।
  • कुल लंबाई: लगभग 1,312 किमी; मध्यप्रदेश में लगभग 1,077 किमी, फिर महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर और गुजरात में — भरूच के निकट खंभात की खाड़ी में।
  • उपनाम: "मध्यप्रदेश की जीवन रेखा", "रेवा"।
  • मार्ग: अनूपपुर → डिंडोरी → मंडला → जबलपुर → नरसिंहपुर → नर्मदापुरम → हरदा → खंडवा → खरगोन → बड़वानी → धार → अलीराजपुर → गुजरात।
  • भ्रंश घाटी में बहती है; डेल्टा नहीं, एस्चुअरी बनाती है।
  • प्रमुख सहायक नदियाँ (नाम याद रखें): हिरन, बरना, शक्कर, दूधी, तवा, ओरसंग, कोलार, मान, हथनी, गंजाल, बंजर, शेर (तट-वर्गीकरण पुस्तकों में भिन्न मिलता है)।
  • जलप्रपात: कपिलधारा (अमरकंटक), दुग्धधारा, धुआँधार (भेड़ाघाट, जबलपुर — "धुएँ जैसा" प्रपात), सहस्रधारा (मंडला)।
  • तीर्थ और संगम: ओंकारेश्वर (खंडवा — ज्योतिर्लिंग), महेश्वर, अमरकंटक (उद्गम), नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नेमावर; नर्मदा परिक्रमा (लगभग 2,600 किमी की धार्मिक यात्रा)।
  • बाँध और परियोजनाएँ:
परियोजना स्थान
बरगी बाँध (रानी अवंतीबाई सागर) जबलपुर/सिवनी
तवा बाँध नर्मदापुरम (होशंगाबाद)
इंदिरा सागर पुनासा, खंडवा — नर्मदा पर सबसे बड़ा जलाशय/ जल-विद्युत परियोजना (1,000 मेगावाट)
ओंकारेश्वर खंडवा
महेश्वर (सहस्रधारा) खरगोन
सरदार सरोवर गुजरात (केवड़िया) — मध्यप्रदेश के डूब क्षेत्र का विवाद (नर्मदा बचाओ आंदोलन — मेधा पाटकर)
बारना, ओमकारेश्वर, जोबट, मान, हथनी मध्यम परियोजनाएँ
  • नर्मदा जल-विवाद अधिकरण (1969) — मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान के बीच; 1979 में निर्णय।
  • नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) — भोपाल।
  • अमरकंटक से सोन (पूर्व की ओर) और जोहिला भी निकलती हैं।

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