Last reviewed 1 Oct 2026 · 7 min read
प्रत्यय क्या है?
प्रत्यय वे शब्दांश हैं जो शब्दों के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं या अर्थ में विशेषता लाते हैं। प्रत्यय स्वतंत्र शब्द नहीं होते।
- उदाहरण: लिख + आवट = लिखावट; सुंदर + ता = सुंदरता; दया + लु = दयालु; बच्चा + पन = बचपन।
- जिस शब्द में प्रत्यय लगता है, उसे मूल शब्द (प्रकृति) कहते हैं।
प्रत्यय के दो प्रमुख भेद
| भेद | मूल शब्द | उदाहरण |
|---|---|---|
| कृत् प्रत्यय | क्रिया (धातु) | पढ़ + आई = पढ़ाई; लिख + आवट = लिखावट; लिख + क = लेखक |
| तद्धित प्रत्यय | संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण | मानव + ता = मानवता; बच्चा + पन = बचपन; धन + वान = धनवान |
- कृत् प्रत्ययों से बने शब्द कृदंत; तद्धित प्रत्ययों से बने शब्द तद्धितांत कहलाते हैं।
कृत् प्रत्यय
1. कर्तृवाचक (करने वाला)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -क | लेखक, पाठक, गायक, नायक, पालक, सेवक |
| -ता | कर्ता, दाता, भोक्ता, वक्ता, नेता, विधाता |
| -वाला | पढ़नेवाला, आनेवाला, जानेवाला |
| -हारा | लकड़हारा, पनिहारा, राखनहारा |
| -आक / -आकू | तैराक, लड़ाकू |
| -ऐया | गवैया, बजैया, लुटैया |
| -अक्कड़ | घुमक्कड़, भुलक्कड़, पियक्कड़ |
2. कर्मवाचक (जो किया जाए)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -औना | खिलौना, बिछौना |
| -अनीय / -य | पूजनीय, वंदनीय, दर्शनीय, पठनीय, माननीय |
| -तव्य | कर्तव्य, श्रोतव्य, द्रष्टव्य |
| -नी | ओढ़नी |
3. करणवाचक (साधन)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -नी | कतरनी, चलनी, छलनी, धौंकनी |
| -न | झाड़न, बेलन, ढक्कन |
| -ऊ | झाड़ू |
| -आलय (स्थान) | विद्यालय |
4. भाववाचक (क्रिया का भाव)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -आवट | लिखावट, सजावट, बनावट, थकावट, रुकावट, मिलावट |
| -आई | पढ़ाई, लड़ाई, कमाई, सिलाई, धुलाई, चढ़ाई |
| -आहट | घबराहट, चिल्लाहट, मुसकराहट, गुर्राहट |
| -आव | बचाव, घुमाव, चढ़ाव, लगाव |
| -अन | चलन, जलन, मिलन, लेखन, पठन |
| -ति / -क्ति | गति, मति, शक्ति, भक्ति, उक्ति |
| -ना | खाना, पीना, चलना (क्रिया का सामान्य रूप) |
5. विशेषण-बोधक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -आऊ | टिकाऊ, बिकाऊ, उपजाऊ, कमाऊ |
| -आलू | झगड़ालू |
| -इया | बढ़िया, घटिया |
| -ईला | नशीला, रंगीला, रसीला, कटीला |
6. क्रियाद्योतक (कृदंत के रूप)
- वर्तमानकालिक: ता/ते/ती — जाता, जाते, जाती
- भूतकालिक: आ/ए/ई — गया, गए, गई
- पूर्वकालिक: कर, के — पढ़कर, खाके
- तात्कालिक: ते ही — सुनते ही
तद्धित प्रत्यय
1. भाववाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -ता | मित्रता, सुंदरता, मानवता, महानता, नम्रता |
| -त्व | मनुष्यत्व, महत्त्व, गुरुत्व, देवत्व, अपनत्व |
| -इमा | महिमा, गरिमा, लालिमा, कालिमा, नीलिमा |
| -ई | गरीबी, दोस्ती, अमीरी, गरमी, सरदी |
| -आई | भलाई, बुराई, चतुराई, ऊँचाई, गहराई, मोटाई |
| -पन | बचपन, लड़कपन, बड़प्पन, अपनापन |
| -पा | बुढ़ापा, मोटापा |
| -आस | मिठास, खटास |
| -य | सौंदर्य, माधुर्य, ऐश्वर्य, धैर्य, चातुर्य |
2. संबंधवाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -ईय | राष्ट्रीय, भारतीय, जातीय, स्वर्गीय, प्रांतीय |
| -इक | धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, मानसिक, भौतिक |
| -ई | शहरी, पहाड़ी, पंजाबी, बंगाली, गुजराती, देशी |
| -ईन | कुलीन, प्राचीन, ग्रामीण, नवीन |
3. अपत्यवाचक (संतान, वंशज)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -अ | वसुदेव → वासुदेव; पांडु → पांडव; कुरु → कौरव; मनु → मानव; रघु → राघव |
| -इ | दशरथ → दाशरथि; मारुत → मारुति |
| -एय | कुंती → कौंतेय; गंगा → गांगेय; राधा → राधेय |
| -य | दिति → दैत्य; अदिति → आदित्य |
4. गुणवाचक (गुण वाला)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -वान / -मान | गुणवान, धनवान, बलवान, विद्वान; श्रीमान, बुद्धिमान, शक्तिमान |
| -वंत / -वंती | बलवंत, गुणवंत, भाग्यवंत, शीलवंती |
| -ई | गुणी, धनी, रोगी |
| -ईला | रंगीला, लजीला, रसीला |
| -इत | पुष्पित, पल्लवित, आनंदित, क्रोधित, सुगंधित, लज्जित |
| -आलु / -लु | दयालु, कृपालु, शंकालु, श्रद्धालु, ईर्ष्यालु |
| -मय | आनंदमय, तेजोमय, प्रेममय, जलमय |
| -शाली | बलशाली, भाग्यशाली, शक्तिशाली, गौरवशाली, प्रतिभाशाली |
| -दार (फ़ारसी) | ईमानदार, दुकानदार, ज़मींदार, चमकदार, दमदार, समझदार |
| -मंद (फ़ारसी) | अक़्लमंद, दौलतमंद, ज़रूरतमंद |
| -नाक (फ़ारसी) | दर्दनाक, ख़तरनाक, शर्मनाक |
5. ऊनवाचक (लघुता — छोटेपन का बोध)
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -इया | खटिया (खाट), डिबिया (डिब्बा), चिड़िया, गुड़िया, लुटिया, पुड़िया |
| -ई | रस्सी (रस्सा), टोकरी (टोकरा), कटोरी (कटोरा), ढोलकी (ढोलक) |
| -ड़ी / -ड़ा | पगड़ी, मुखड़ा, दुखड़ा, टुकड़ा |
| -ली | पोटली (पोट), थैली |
| -ओला | खटोला, सँपोला |
6. स्थानवाचक
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| -आलय | विद्यालय, पुस्तकालय, शिवालय, देवालय |
| -शाला | पाठशाला, धर्मशाला, पाकशाला, गोशाला |
| -स्थान | राजस्थान, हिंदुस्तान, देवस्थान |
| -पुर | जयपुर, कानपुर, नागपुर, उदयपुर |
| -गढ़ | चंडीगढ़, जूनागढ़, अलीगढ़ |
| -बाद / -आबाद | हैदराबाद, अहमदाबाद, इलाहाबाद |
| -ख़ाना | दवाख़ाना, डाकख़ाना, कारख़ाना, छापाख़ाना |
| -स्तान | कब्रिस्तान, गुलिस्तान, पाकिस्तान |
7. स्त्रीबोधक
| प्रत्यय | पुल्लिंग → स्त्रीलिंग |
|---|---|
| -ई | लड़का → लड़की; घोड़ा → घोड़ी; बेटा → बेटी |
| -इका | शिक्षक → शिक्षिका; नायक → नायिका; गायक → गायिका; लेखक → लेखिका |
| -इन | माली → मालिन; धोबी → धोबिन |
| -आइन | पंडित → पंडिताइन; ठाकुर → ठकुराइन |
| -आनी | नौकर → नौकरानी; सेठ → सेठानी; देवर → देवरानी; जेठ → जेठानी |
| -नी | शेर → शेरनी; ऊँट → ऊँटनी; सिंह → सिंहनी |
| -वती / -मती | गुणवान → गुणवती; श्रीमान् → श्रीमती |
| -त्री | कवि → कवयित्री; नेता → नेत्री; अभिनेता → अभिनेत्री |
| -आ | छात्र → छात्रा; शिष्य → शिष्या; प्रिय → प्रिया |