Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read
ध्यान दें। टाइगर रिजर्व और रामसर स्थलों की संख्या समय के साथ बढ़ती है। यहाँ स्थापित, परीक्षा-प्रचलित तथ्य दिए गए हैं; नवीनतम संख्या के लिए पर्यावरण/वन विभाग की सूची देखें।
वन — वितरण और प्रकार
- उत्तर प्रदेश में वन-आवरण राज्य के क्षेत्रफल का लगभग 6–7 % है (देश के औसत से कम); अधिकांश वन तराई, बुंदेलखंड और विंध्य (सोनभद्र–मिर्जापुर) में हैं।
- सर्वाधिक वन वाला जिला: सोनभद्र।
| वन-प्रकार | क्षेत्र | प्रमुख वृक्ष |
|---|---|---|
| आर्द्र पर्णपाती (तराई) | पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, महराजगंज | साल (सखुआ), सागौन, शीशम, खैर, हल्दू |
| शुष्क पर्णपाती | बुंदेलखंड, विंध्य, सोनभद्र | धाक (पलाश), तेंदू, महुआ, खैर, बाँस, साल |
| कंटीली झाड़ियाँ | बुंदेलखंड के कुछ भाग, यमुना के बीहड़ | बबूल, बेर, खजूर |
| सामाजिक/कृषि वानिकी | मैदानी क्षेत्र | नीम, यूकेलिप्टस, पोपलर, आम के बाग |
वन-उपज
- लकड़ी (साल, सागौन), बाँस, तेंदू पत्ता, महुआ, खैर (कत्था), गोंद, शहद, लाख।
- पर्यावरण-संरक्षण: वृक्षारोपण अभियान; वन महोत्सव; सामाजिक वानिकी।
राजकीय प्रतीक (उत्तर प्रदेश)
| प्रतीक | नाम |
|---|---|
| राजकीय पशु | बारहसिंघा (दलदली हिरण / Swamp Deer) |
| राजकीय पक्षी | सारस क्रेन (Sarus Crane) — विश्व का सबसे ऊँचा उड़ने वाला पक्षी |
| राजकीय वृक्ष | अशोक |
| राजकीय पुष्प | पलाश (ढाक) |
राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व
| संरक्षित क्षेत्र | जिला | विवरण |
|---|---|---|
| दुधवा राष्ट्रीय उद्यान | लखीमपुर खीरी | उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान; तराई क्षेत्र; 1977 में राष्ट्रीय उद्यान; 1987 में टाइगर रिजर्व (किशनपुर अभयारण्य और कतर्नियाघाट से जुड़ा); बाघ, तेंदुआ, गैंडा (पुनर्स्थापित), बारहसिंघा, हाथी; साल के घने वन |
| पीलीभीत टाइगर रिजर्व | पीलीभीत | 2014 में टाइगर रिजर्व; बाघ, तेंदुआ, बारहसिंघा, कई पक्षी |
| अमानगढ़ टाइगर रिजर्व | बिजनौर | हाल में घोषित; जिम कॉर्बेट के निकट का वन-क्षेत्र |
| रानीपुर टाइगर रिजर्व | चित्रकूट (बाँदा) | हाल में घोषित; बुंदेलखंड का पहला |
| कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य | बहराइच | घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, बाघ; घाघरा (गेरुआ) नदी |
| किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य | लखीमपुर खीरी | दुधवा टाइगर रिजर्व का भाग |
राज्य में टाइगर रिजर्व की संख्या हाल के वर्षों में बढ़कर चार तक पहुँची मानी जाती है (दुधवा, पीलीभीत, अमानगढ़, रानीपुर) — परीक्षा से पहले अद्यतन सूची जाँचें।