Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read
ध्यान दें। उत्तर प्रदेश खनिज-संपदा में अपेक्षाकृत गरीब राज्य है; अधिकांश खनिज दक्षिणी पठारी जिलों (सोनभद्र, मिर्जापुर, बुंदेलखंड) में हैं। उत्पादन और नए आविष्कारों के आँकड़े बदलते रहते हैं; यहाँ स्थापित तथ्य दिए गए हैं।
खनिज-वितरण का सारांश
| खनिज | मुख्य जिले / क्षेत्र | उपयोग |
|---|---|---|
| कोयला | सोनभद्र (सिंगरौली कोयला क्षेत्र का भाग) | ताप विद्युत |
| चूना-पत्थर | सोनभद्र, मिर्जापुर | सीमेंट उद्योग |
| डोलोमाइट | सोनभद्र | इस्पात और सिरेमिक |
| फॉस्फोराइट | ललितपुर | उर्वरक |
| पायरोफ़ाइलाइट | झाँसी, ललितपुर | अग्निरोधी ईंटें, सिरेमिक |
| डायस्पोर | हमीरपुर, बाँदा, ललितपुर | एल्युमिनियम स्रोत और अपघर्षक |
| सिलिका (काँच) रेत | प्रयागराज (शंकरगढ़), बाँदा | काँच उद्योग |
| मोरंग (बालू) | बाँदा, हमीरपुर, सोनभद्र | निर्माण कार्य |
| ग्रेनाइट | ललितपुर, झाँसी, महोबा, चित्रकूट | भवन निर्माण, सजावट |
| बलुआ पत्थर | मिर्जापुर, चुनार, सोनभद्र | भवन-निर्माण; चुनार का बलुआ पत्थर ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध (सारनाथ की मूर्तियाँ) |
| सोपस्टोन (स्टीटाइट) | ललितपुर, झाँसी | टैल्क और सौंदर्य-प्रसाधन |
| सोना | सोनभद्र (सोन पहाड़ी क्षेत्र) | खोज और संभावना की चर्चा हुई है; व्यावसायिक खनन की वर्तमान स्थिति जाँचें |
| कंकड़ / चूना (कंकर) | मैदानी क्षेत्र | सड़क निर्माण |
| रेह (नमक-युक्त मिट्टी) | मैदान | पारंपरिक नमक/सोडा निर्माण |
याद रखें। उत्तर प्रदेश में पेट्रोलियम, लौह अयस्क, ताँबा, मैंगनीज़ आदि मुख्य धात्विक खनिज प्रायः नहीं मिलते; सीमेंट और ऊर्जा से जुड़े खनिज प्रमुख हैं।
सोनभद्र — खनिज और ऊर्जा का केंद्र
- राज्य का दूसरा सबसे बड़ा जिला (क्षेत्रफल में), जो चार राज्यों (मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार) को छूता है।
- कोयला, चूना-पत्थर, डोलोमाइट, बालू और अन्य खनिज।
- रिहंद बाँध, अनपरा, ओबरा, रिहंद (सिंगरौली) आदि बिजलीघर — इसे "ऊर्जा की राजधानी" कहा जाता है।
- उद्योग: सीमेंट (डाला, चुर्क), एल्युमिनियम (रेनुकूट — हिंडाल्को), बिजली (रेनुसागर)।
- चिंता: उद्योग-प्रदूषण (फ़्लोराइड, पारा) और विस्थापन।