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राज्य सूचना आयोग

सूचना का अधिकार — अवधारणा, राजस्थान में आंदोलन (MKSS, ब्यावर) और कानूनों का विकास (राजस्थान सूचना का अधिकार अधिनियम 2000, केंद्रीय RTI अधिनियम 2005); राज्य सूचना आयोग का गठन, मुख्य सूचना आयुक्त व सूचना आयुक्तों की नियुक्ति-कार्यकाल, लोक सूचना अधिकारी, आवेदन-प्रक्रिया, समय-सीमा, अपील, दंड, छूट (धारा 8 और 24), राजस्थान की पहलें (जन सूचना पोर्टल) और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। RTI अधिनियम में 2019 के संशोधन ने आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन तय करने की शक्ति केंद्र सरकार को दी। राज्य आयोग के नवीनतम पदाधिकारी और नियम सरकारी स्रोत से देखें।

सूचना का अधिकार — अवधारणा

  • नागरिकों को सरकार से जानकारी माँगने का अधिकार; पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार-नियंत्रण का साधन।
  • संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 19(1)(a) (वाक्-स्वातंत्र्य और अभिव्यक्ति) के अंतर्गत सूचना का अधिकार — सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय (राज नारायण बनाम उत्तर प्रदेश, 1975; एस.पी. गुप्ता बनाम भारत संघ, 1982)।
  • पूर्व कानून: शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 (Official Secrets Act)।

राजस्थान में सूचना के अधिकार का आंदोलन

  • मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) — अरुणा रॉय, निखिल डे, शंकर सिंह; देवडूंगरी (राजसमंद), ब्यावर से; 1990 के दशक में मजदूरी, अकाल राहत कार्यों के रिकॉर्ड माँगे; जन सुनवाई (सोशल ऑडिट) की परंपरा।
  • नारा: "हमारा पैसा, हमारा हिसाब"।
  • परिणाम: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम में संशोधन (1996) — दस्तावेजों की प्रतियाँ माँगने का अधिकार; राजस्थान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2000 बना।
  • राष्ट्रीय स्तर पर — सूचना के अधिकार के लिए राष्ट्रीय अभियान (NCPRI); केंद्रीय अधिनियम 2005।

कानूनों का विकास

कानून/घटना वर्ष
तमिलनाडु — प्रथम राज्य 1997
गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली आदि लगभग 1997–2003 के बीच
राजस्थान सूचना का अधिकार अधिनियम 2000
भारतीय सूचना स्वतंत्रता अधिनियम 2002 (अप्रवर्तित)
सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) 15 जून 2005 पारित; 12 अक्तूबर 2005 से पूर्णतः लागू
RTI (संशोधन) अधिनियम 2019

(राजस्थान उन अग्रणी राज्यों में है जहाँ राज्य-स्तर पर पहले कानून बना; सटीक क्रम स्रोतों में थोड़ा भिन्न मिलता है।)

राज्य सूचना आयोग

गठन (धारा 15, RTI अधिनियम 2005)

  • राज्य सरकार द्वारा राजपत्र अधिसूचना से गठित।
  • राजस्थान राज्य सूचना आयोग — जयपुर; 2006 में गठित।
  • संरचना: राज्य मुख्य सूचना आयुक्त + अधिकतम 10 राज्य सूचना आयुक्त।

नियुक्ति

बिंदु प्रावधान
नियुक्ति राज्यपाल द्वारा
चयन समिति मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा में विपक्ष का नेता, मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री
योग्यता सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठित, विधि, विज्ञान, प्रबंधन, पत्रकारिता, प्रशासन आदि में अनुभव; संसद/विधानमंडल का सदस्य या लाभ के पद पर न हो
कार्यकाल (2005) 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो पहले हो); पुनर्नियुक्ति नहीं
2019 संशोधन के बाद कार्यकाल, वेतन-भत्ते केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित
हटाना राज्यपाल आदेश से, सर्वोच्च न्यायालय की जाँच के बाद, दुर्व्यवहार/अक्षमता पर
मुख्य सूचना आयुक्त का स्तर (2005) मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समकक्ष (केंद्र) और राज्य में निर्वाचन आयुक्त के समकक्ष

आयोग के कार्य

  1. शिकायतें स्वीकार कर जाँच (सूचना न मिलने, अधिक शुल्क, भ्रामक सूचना आदि)।
  2. द्वितीय अपील की सुनवाई।
  3. दंड लगाना और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश।
  4. वार्षिक रिपोर्ट — राज्य सरकार को; सरकार विधानमंडल में रखती है।
  5. पारदर्शिता के लिए सलाह/निर्देश।

शक्तियाँ

  • दीवानी न्यायालय की शक्तियाँ — समन, दस्तावेज, गवाह।
  • सार्वजनिक प्राधिकरण को निर्देश — सूचना देना, लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति, रिकॉर्ड के प्रबंधन में सुधार।
  • सूचना की प्रकृति — क्षतिपूर्ति दिलवाना।

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