Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
ध्यान दें। नाम और तिथियाँ स्रोतों में थोड़ी भिन्न मिलती हैं। नीचे के तथ्य परीक्षा में प्रचलित हैं; पदों और आरक्षण के नवीनतम नियम सरकारी अधिसूचना से देख लें।
राजनीतिक जनजागरण — पृष्ठभूमि
राजस्थान की रियासतों में अंग्रेजों के संरक्षण में राजाओं की निरंकुश सत्ता थी, जबकि ब्रिटिश भारत में राष्ट्रीय आंदोलन तेज हो रहा था। रियासतों की जनता में चेतना धीरे-धीरे आई।
प्रमुख चरण
| चरण | घटनाएँ |
|---|---|
| 1857 का विद्रोह | नसीराबाद, एरिनपुरा, आउवा, कोटा में सैनिक-जागीरदार विद्रोह; जन-चेतना का प्रारंभिक संकेत |
| आर्य समाज और समाज-सुधार (19वीं सदी का उत्तरार्ध) | स्वामी दयानंद का राजस्थान में प्रवास (उदयपुर, जोधपुर); शिक्षा, स्त्री-शिक्षा और कुरीतियों (बाल विवाह, पर्दा, मृत्युभोज) के विरुद्ध प्रचार |
| बीसवीं सदी का आरंभ | क्रांतिकारी आंदोलन — बारहठ परिवार, अर्जुनलाल सेठी; वर्धमान विद्यालय (जयपुर) |
| 1915–1920 | बिजौलिया किसान आंदोलन (पथिक का नेतृत्व); राजपूताना मध्य भारत सभा (1918) — दिल्ली अधिवेशन; राजस्थान सेवा संघ (1919, वर्धा) — बाद में अजमेर |
| 1920 का दशक | बेगूं, बरड़, नीमूचणा आदि किसान आंदोलन; सेवा संघ का राजनीतिक जागरण में योगदान |
| 1927 | अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद — रियासतों के लोगों के राजनीतिक अधिकारों के लिए |
| 1930 के दशक | प्रजामंडल/प्रजा परिषद (जयपुर 1931, बीकानेर 1936, मारवाड़ 1938, मेवाड़ 1938 आदि) |
| 1938 | हरिपुरा कांग्रेस — रियासतों में आंदोलन की नीति पर स्पष्टता; राजस्थान में प्रजामंडल सक्रिय |
| 1942 | भारत छोड़ो आंदोलन — राजस्थान में भी गिरफ्तारियाँ और आंदोलन |
| 1946–47 | उत्तरदायी शासन की माँग, डूंगरपुर-बाँसवाड़ा के आंदोलन; कालीबाई का बलिदान (1947); एकीकरण की प्रक्रिया |
स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका
प्रमुख महिलाएँ
| नाम | क्षेत्र/योगदान |
|---|---|
| किशोरी देवी | सीकर (शेखावाटी) — 1934 के कटराथल महिला सम्मेलन की अध्यक्ष; किसान आंदोलन में महिलाओं को जोड़ा; उत्तमा देवी सहयोगी |
| अंजना देवी चौधरी | जयपुर — जयपुर प्रजामंडल में सक्रिय; रामनारायण चौधरी की पत्नी; सत्याग्रह में भाग; जेल यात्रा |
| नारायणी देवी वर्मा | माणिक्य लाल वर्मा की पत्नी; मेवाड़ प्रजामंडल और भीलवाड़ा में सक्रिय |
| रतन शास्त्री | वनस्थली विद्यापीठ (टोंक) — हीरालाल शास्त्री की पत्नी; महिला शिक्षा और राजनीतिक जागरण |
| कालीबाई (1935–1947) | डूंगरपुर — रास्तापाल (डूंगरपुर) की 13 वर्षीय भील बालिका; 19 जून 1947 को विद्यालय बचाने के आंदोलन में शहीद; "वीर बाला" |
| महारानी गायत्री देवी (जयपुर) | स्वतंत्रता के बाद सांसद (1962 से) |
महिलाओं की गतिविधियाँ
- सत्याग्रह, जुलूस, धरने, चरखा-खादी प्रचार।
- किसान आंदोलनों में भागीदारी (शेखावाटी, बिजौलिया)।
- शिक्षा के प्रसार में योगदान — वनस्थली, अजमेर, हटूंडी।
- सामाजिक कुरीतियों (पर्दा, बाल विवाह) के विरुद्ध महिला सम्मेलन — सीकर 1934।
- जेल यात्राएँ — 1942 के आंदोलन में।