Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read
ध्यान दें। प्रतियोगी परीक्षाओं में एकीकरण के चरण, तिथि, राजधानी, राजप्रमुख और प्रधानमंत्री बार-बार पूछे जाते हैं। यहाँ सर्वमान्य तथ्य दिए गए हैं।
पृष्ठभूमि
- 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ तब राजपूताना में 19 रियासतें, 3 ठिकाने और अजमेर-मेरवाड़ा थे।
- रियासतों को भारत या पाकिस्तान में मिलने या स्वतंत्र रहने का विकल्प दिया गया; सरदार वल्लभभाई पटेल (गृह एवं रियासती मंत्रालय) और वी.पी. मेनन (सचिव) ने रियासतों को भारत में मिलाया।
- राजस्थान की रियासतों के विलय का क्रम 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक चला।
- रियासती विभाग के सचिव वी.पी. मेनन तथा राजस्थान के प्रमुख नेता हीरालाल शास्त्री, माणिक्य लाल वर्मा, जयनारायण व्यास आदि इस प्रक्रिया में शामिल रहे।
एकीकरण के चरण
| चरण | तिथि | नाम | शामिल रियासतें | राजधानी | राजप्रमुख | प्रधानमंत्री |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 18 मार्च 1948 | मत्स्य संघ | अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली (और नीमराणा ठिकाना) | अलवर | उदयभान सिंह (धौलपुर) | शोभाराम (अलवर) |
| 2 | 25 मार्च 1948 | पूर्व राजस्थान | कोटा, बूंदी, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, किशनगढ़, शाहपुरा, टोंक, कुशलगढ़, लावा | कोटा | भीमसिंह (कोटा) | गोकुल लाल असावा |
| 3 | 18 अप्रैल 1948 | संयुक्त राजस्थान | पूर्व राजस्थान + उदयपुर (मेवाड़) | उदयपुर | भूपाल सिंह (मेवाड़) | माणिक्य लाल वर्मा |
| 4 | 30 मार्च 1949 | वृहद् राजस्थान | संयुक्त राजस्थान + जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर | जयपुर | सवाई मानसिंह द्वितीय (जयपुर) — राजप्रमुख; भूपाल सिंह — महाराज प्रमुख | हीरालाल शास्त्री |
| 5 | 15 मई 1949 | संयुक्त वृहद् राजस्थान | वृहद् राजस्थान + मत्स्य संघ | जयपुर | मानसिंह द्वितीय | हीरालाल शास्त्री |
| 6 | 26 जनवरी 1950 | सिरोही का विलय | सिरोही (आबू-देलवाड़ा तहसील को छोड़कर) | जयपुर | — | — |
| 7 | 1 नवंबर 1956 | वर्तमान राजस्थान | अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-देलवाड़ा, सुनेल टप्पा शामिल; सिरोंज मध्य प्रदेश को | जयपुर | राजप्रमुख पद समाप्त; राज्यपाल | मुख्यमंत्री |
(मत्स्य संघ के उद्घाटन में एन.वी. गाडगिल और सरदार पटेल की भूमिकाएँ बताई जाती हैं; उद्घाटनकर्ता के बारे में पुस्तकों में भिन्न मत मिलते हैं — इसलिए तिथि और राजधानी पर ध्यान दें।)
चरणवार टिप्पणियाँ
- मत्स्य संघ (18 मार्च 1948) — चार छोटी पड़ोसी रियासतों को एक इकाई में मिलाने का प्रयोग; मत्स्य नाम प्राचीन मत्स्य जनपद (विराटनगर क्षेत्र) से; के.एम. मुंशी ने नाम सुझाया माना जाता है।
- पूर्व राजस्थान (25 मार्च 1948) — हाड़ौती और बाँगड़ की रियासतें; कोटा के महाराव भीमसिंह राजप्रमुख।
- संयुक्त राजस्थान (18 अप्रैल 1948) — उद्घाटन जवाहर लाल नेहरू ने किया; उदयपुर के महाराणा भूपाल सिंह को महाराज प्रमुख (आजीवन); कोटा के भीमसिंह — उप राजप्रमुख; माणिक्य लाल वर्मा प्रधानमंत्री।
- वृहद् राजस्थान (30 मार्च 1949) — उद्घाटन सरदार वल्लभभाई पटेल; जयपुर राजधानी; सवाई मानसिंह द्वितीय राजप्रमुख; हीरालाल शास्त्री प्रधानमंत्री। 30 मार्च को हर वर्ष राजस्थान दिवस मनाया जाता है।
- संयुक्त वृहद् राजस्थान (15 मई 1949) — शंकर राव देव समिति की सिफारिश; मत्स्य संघ का विलय।
- सिरोही (26 जनवरी 1950) — आबू-देलवाड़ा तहसील (गुजरात के दावे/बॉम्बे राज्य) अलग रही।
- 1 नवंबर 1956 — राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956; फज़ल अली की अध्यक्षता वाला राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) — सदस्य के.एम. पणिक्कर और हृदयनाथ कुंजरू; अजमेर-मेरवाड़ा का विलय; गुरुमुख निहाल सिंह पहले राज्यपाल।