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राजस्थान का एकीकरण

राजस्थान के एकीकरण के सात चरण (मत्स्य संघ, पूर्व राजस्थान, संयुक्त राजस्थान, वृहद् राजस्थान, संयुक्त वृहद् राजस्थान, सिरोही विलय, वर्तमान राजस्थान 1956), प्रत्येक चरण की तिथि, घटक रियासतें, राजधानी, राजप्रमुख, प्रधानमंत्री, एकीकरण से जुड़ी समितियाँ (शंकर राव देव, राज्य पुनर्गठन आयोग), तथा राजस्थान के प्रमुख मुख्यमंत्री व संस्थाएँ।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। प्रतियोगी परीक्षाओं में एकीकरण के चरण, तिथि, राजधानी, राजप्रमुख और प्रधानमंत्री बार-बार पूछे जाते हैं। यहाँ सर्वमान्य तथ्य दिए गए हैं।

पृष्ठभूमि

  • 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ तब राजपूताना में 19 रियासतें, 3 ठिकाने और अजमेर-मेरवाड़ा थे।
  • रियासतों को भारत या पाकिस्तान में मिलने या स्वतंत्र रहने का विकल्प दिया गया; सरदार वल्लभभाई पटेल (गृह एवं रियासती मंत्रालय) और वी.पी. मेनन (सचिव) ने रियासतों को भारत में मिलाया।
  • राजस्थान की रियासतों के विलय का क्रम 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक चला।
  • रियासती विभाग के सचिव वी.पी. मेनन तथा राजस्थान के प्रमुख नेता हीरालाल शास्त्री, माणिक्य लाल वर्मा, जयनारायण व्यास आदि इस प्रक्रिया में शामिल रहे।

एकीकरण के चरण

चरण तिथि नाम शामिल रियासतें राजधानी राजप्रमुख प्रधानमंत्री
1 18 मार्च 1948 मत्स्य संघ अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली (और नीमराणा ठिकाना) अलवर उदयभान सिंह (धौलपुर) शोभाराम (अलवर)
2 25 मार्च 1948 पूर्व राजस्थान कोटा, बूंदी, झालावाड़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, किशनगढ़, शाहपुरा, टोंक, कुशलगढ़, लावा कोटा भीमसिंह (कोटा) गोकुल लाल असावा
3 18 अप्रैल 1948 संयुक्त राजस्थान पूर्व राजस्थान + उदयपुर (मेवाड़) उदयपुर भूपाल सिंह (मेवाड़) माणिक्य लाल वर्मा
4 30 मार्च 1949 वृहद् राजस्थान संयुक्त राजस्थान + जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर जयपुर सवाई मानसिंह द्वितीय (जयपुर) — राजप्रमुख; भूपाल सिंह — महाराज प्रमुख हीरालाल शास्त्री
5 15 मई 1949 संयुक्त वृहद् राजस्थान वृहद् राजस्थान + मत्स्य संघ जयपुर मानसिंह द्वितीय हीरालाल शास्त्री
6 26 जनवरी 1950 सिरोही का विलय सिरोही (आबू-देलवाड़ा तहसील को छोड़कर) जयपुर — —
7 1 नवंबर 1956 वर्तमान राजस्थान अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-देलवाड़ा, सुनेल टप्पा शामिल; सिरोंज मध्य प्रदेश को जयपुर राजप्रमुख पद समाप्त; राज्यपाल मुख्यमंत्री

(मत्स्य संघ के उद्घाटन में एन.वी. गाडगिल और सरदार पटेल की भूमिकाएँ बताई जाती हैं; उद्घाटनकर्ता के बारे में पुस्तकों में भिन्न मत मिलते हैं — इसलिए तिथि और राजधानी पर ध्यान दें।)

चरणवार टिप्पणियाँ

  1. मत्स्य संघ (18 मार्च 1948) — चार छोटी पड़ोसी रियासतों को एक इकाई में मिलाने का प्रयोग; मत्स्य नाम प्राचीन मत्स्य जनपद (विराटनगर क्षेत्र) से; के.एम. मुंशी ने नाम सुझाया माना जाता है।
  2. पूर्व राजस्थान (25 मार्च 1948) — हाड़ौती और बाँगड़ की रियासतें; कोटा के महाराव भीमसिंह राजप्रमुख।
  3. संयुक्त राजस्थान (18 अप्रैल 1948) — उद्घाटन जवाहर लाल नेहरू ने किया; उदयपुर के महाराणा भूपाल सिंह को महाराज प्रमुख (आजीवन); कोटा के भीमसिंह — उप राजप्रमुख; माणिक्य लाल वर्मा प्रधानमंत्री।
  4. वृहद् राजस्थान (30 मार्च 1949) — उद्घाटन सरदार वल्लभभाई पटेल; जयपुर राजधानी; सवाई मानसिंह द्वितीय राजप्रमुख; हीरालाल शास्त्री प्रधानमंत्री। 30 मार्च को हर वर्ष राजस्थान दिवस मनाया जाता है।
  5. संयुक्त वृहद् राजस्थान (15 मई 1949) — शंकर राव देव समिति की सिफारिश; मत्स्य संघ का विलय।
  6. सिरोही (26 जनवरी 1950) — आबू-देलवाड़ा तहसील (गुजरात के दावे/बॉम्बे राज्य) अलग रही।
  7. 1 नवंबर 1956 — राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956; फज़ल अली की अध्यक्षता वाला राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) — सदस्य के.एम. पणिक्कर और हृदयनाथ कुंजरू; अजमेर-मेरवाड़ा का विलय; गुरुमुख निहाल सिंह पहले राज्यपाल।

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