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राजस्थान के मुख्य भौतिक विभाग

राजस्थान के चार भौतिक विभाग — पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश, अरावली पर्वतीय प्रदेश, पूर्वी मैदानी प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश — का क्षेत्रफल व जनसंख्या में हिस्सा, जिले, प्रमुख नदियाँ, भूगर्भिक आधार, तथा प्रत्येक विभाग की विशेषताएँ और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। क्षेत्रफल और जनसंख्या के प्रतिशत पुस्तकों में दशमलव के अंतर से मिलते हैं; यहाँ सर्वाधिक प्रचलित आँकड़े दिए गए हैं। विस्तृत वर्णन अगले चार नोट्स में है।

भौतिक विभाजन का आधार

राजस्थान की भौगोलिक संरचना को धरातल, भूगर्भिक संरचना, जलवायु और अपवाह के आधार पर चार भौतिक विभागों में बाँटा जाता है। अरावली पर्वतमाला राज्य को लगभग दो असमान भागों में बाँटती है:

  • पश्चिमी भाग (अरावली के पश्चिम में) — शुष्क और अर्द्ध-शुष्क, थार मरुस्थल।
  • पूर्वी भाग (अरावली के पूर्व में) — अपेक्षाकृत आर्द्र, उपजाऊ मैदान और पठार।

अरावली लगभग 60:40 के अनुपात में राज्य को पश्चिम-उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व में बाँटती है — पश्चिम में क्षेत्रफल अधिक, जनसंख्या कम; पूर्व में क्षेत्रफल कम, जनसंख्या अधिक।

चार भौतिक विभाग — तुलनात्मक सारणी

विभाग क्षेत्रफल में हिस्सा (लगभग) जनसंख्या में हिस्सा (लगभग) मुख्य जिले प्रमुख विशेषता
1. पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश 61 % 40 % जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जालौर, पाली, नागौर, सीकर, झुंझुनूँ (भाग) रेत के टीले, शुष्क जलवायु; थार
2. अरावली पर्वतीय प्रदेश 9 % 10 % सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, पाली, जयपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनूँ (भाग) विश्व की प्राचीन वलित पर्वत श्रेणी
3. पूर्वी मैदानी प्रदेश 23 % 39 % जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ (भाग) उपजाऊ जलोढ़ मैदान; घनी जनसंख्या; सर्वाधिक कृषि
4. दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती) 7 % 11 % कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ काली मिट्टी; वर्षा अधिक; विंध्याचल से जुड़ा

(उपर्युक्त चारों का योग लगभग 100 % होता है: 61 + 9 + 23 + 7।)

1. पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (थार)

  • राज्य का सबसे बड़ा (क्षेत्रफल में) और सबसे कम घनत्व वाला विभाग।
  • वर्षा लगभग 10 सेमी से 50 सेमी तक; 25 सेमी की समवर्षा रेखा शुष्क और अर्द्ध-शुष्क भागों को अलग करती है।
  • मुख्य भू-आकृतियाँ: बालुका स्तूप, रन/प्लाया (खारे पानी की अस्थायी झीलें), लूणी बेसिन, घग्घर का मैदान।
  • जलवायु: अत्यंत गर्म ग्रीष्म, ठंडी सर्दियाँ, कम वर्षा, तीव्र आँधियाँ।
  • अर्थव्यवस्था: पशुपालन, बाजरा, मोठ, मूंग, ग्वार; इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में गेहूँ, सरसों, कपास, किन्नू।
  • खनिज: जिप्सम (बीकानेर-नागौर-जैसलमेर), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस (बाड़मेर, जैसलमेर), लिग्नाइट (बीकानेर, नागौर), चूना पत्थर।

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