Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read
ध्यान दें। जिलों/संभागों की संख्या समय के साथ बदलती है; यहाँ ऐतिहासिक क्रम और स्थायी तथ्य पर जोर है, नवीनतम संख्या सरकारी स्रोत से देखें।
स्वतंत्रता के समय की स्थिति
मध्यप्रदेश का वर्तमान क्षेत्र चार इकाइयों और अनेक रियासतों में बँटा था:
| इकाई | स्थिति |
|---|---|
| मध्य प्रांत एवं बरार (Central Provinces and Berar) | ब्रिटिश भारत का प्रांत; राजधानी — नागपुर; महाकौशल, नर्मदा घाटी, छत्तीसगढ़, बरार |
| सेंट्रल इंडिया एजेंसी की रियासतें | ग्वालियर, इंदौर, धार, देवास, रतलाम आदि (मालवा-बुंदेलखंड-बघेलखंड) |
| भोपाल रियासत | नवाब हमीदुल्लाह खान |
| रीवा आदि (बघेलखंड) | बघेल शासक |
संघ और प्रांतों का गठन (1947–1950)
| राज्य | तिथि | विवरण |
|---|---|---|
| मध्य भारत (Madhya Bharat) | 28 मई 1948 | ग्वालियर, इंदौर और 23 अन्य रियासतों का संघ; राजधानी — ग्वालियर (शीतकाल) और इंदौर (ग्रीष्मकाल); राजप्रमुख — जीवाजीराव सिंधिया (ग्वालियर); प्रथम मुख्यमंत्री — लीलाधर जोशी |
| विंध्य प्रदेश (Vindhya Pradesh) | 1948 (4 अप्रैल) | रीवा राजधानी; बघेलखंड और बुंदेलखंड की 35 रियासतें; राजप्रमुख — मार्तंड सिंह (रीवा); मुख्यमंत्री — शंभुनाथ शुक्ल |
| भोपाल राज्य | 1 जून 1949 | भारत में विलय; सी-श्रेणी राज्य; मुख्य आयुक्त शासित, 1952 से मुख्यमंत्री — डॉ. शंकर दयाल शर्मा |
| मध्य प्रांत एवं बरार का नाम "मध्य प्रदेश" | 26 जनवरी 1950 | संविधान लागू होने पर प्रांतों का नया नाम; राजधानी नागपुर; मुख्यमंत्री — पं. रविशंकर शुक्ल |
(मध्य भारत के राजप्रमुख/मुख्यमंत्रियों के नाम स्रोतों में थोड़े भिन्न मिलते हैं; राजधानियाँ और तिथियाँ अधिक स्थिर हैं।)
राज्य पुनर्गठन आयोग (1953–1956)
- 1953 में फज़ल अली की अध्यक्षता में राज्य पुनर्गठन आयोग (SRC) गठित; सदस्य — के.एम. पणिक्कर, हृदयनाथ कुंजरू।
- रिपोर्ट — 1955; भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 — 1 नवंबर 1956 से लागू।