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प्राचीन एवं मध्यकालीन उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के प्रागैतिहासिक स्थल (बेलन घाटी, कोल्डिहवा, लहुरादेव, आलमगीरपुर), महाजनपद (काशी, कोसल, वत्स, पांचाल, शूरसेन, मल्ल), बौद्ध-जैन केंद्र (सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिसा), मौर्य-कुषाण-गुप्त काल, हर्ष और कन्नौज, प्रतिहार-गहड़वाल, दिल्ली सल्तनत और शर्की सल्तनत, मुगल काल (आगरा, फतेहपुर सीकरी, इलाहाबाद), अवध के नवाब और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 5 min read

ध्यान दें। तिथियाँ और स्थान-संबंध पुस्तकों में थोड़े भिन्न मिल सकते हैं। यहाँ परीक्षा में प्रचलित स्थापित तथ्य हैं। पानीपत, खानवा और तराइन जैसे युद्ध-स्थल उत्तर प्रदेश में नहीं हैं (क्रमशः हरियाणा, राजस्थान, हरियाणा)।

प्रागैतिहासिक स्थल

स्थल जिला / क्षेत्र विशेषता
बेलन घाटी प्रयागराज–मिर्जापुर पुरापाषाण से नवपाषाण काल तक की क्रमिक संस्कृति का क्षेत्र
कोल्डिहवा प्रयागराज चावल की खेती के प्राचीन साक्ष्य (नवपाषाण)
लहुरादेव संत कबीर नगर चावल की खेती के बहुत प्राचीन प्रमाण (ताम्र-पाषाण से पूर्व)
सराय नाहर राय प्रतापगढ़ मध्यपाषाण काल, मानव कंकाल/समाधियाँ
आलमगीरपुर मेरठ (हिंडन नदी) हड़प्पा सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल
हस्तिनापुर मेरठ चित्रित धूसर मृद्भांड (PGW) संस्कृति; महाभारत परंपरा से जुड़ा
अतरंजीखेड़ा एटा लौह उपकरणों के प्रारंभिक साक्ष्य; PGW संस्कृति
कौशाम्बी प्रयागराज के निकट उत्खनन — वत्स राज्य की राजधानी

महाजनपद काल (छठी शताब्दी ई.पू.)

उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में स्थित प्रमुख महाजनपद:

महाजनपद राजधानी / स्थान विशेष
काशी वाराणसी प्राचीन शिक्षा-धार्मिक केंद्र; बाद में कोसल में मिला
कोसल श्रावस्ती, अयोध्या (साकेत) राजा प्रसेनजित; बुद्ध के समकालीन; बाद में मगध में मिला
वत्स कौशाम्बी राजा उदयन
पांचाल अहिच्छत्र (बरेली), कांपिल्य (फर्रुखाबाद) उत्तर और दक्षिण पांचाल
शूरसेन मथुरा कृष्ण परंपरा
मल्ल कुशीनगर, पावा गणराज्य
कुरु इन्द्रप्रस्थ, हस्तिनापुर आंशिक रूप से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में

बौद्ध और जैन केंद्र

स्थान महत्त्व
सारनाथ (वाराणसी) बुद्ध का प्रथम उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन); अशोक का सिंह-शीर्ष स्तंभ (भारत का राष्ट्रीय चिह्न) यहीं से मिला
कुशीनगर (कुशीनगर जिला) महापरिनिर्वाण स्थल
श्रावस्ती बुद्ध ने सर्वाधिक वर्षावास यहीं बिताए; जेतवन विहार
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर, पिपरहवा) शाक्य क्षेत्र; बुद्ध-अवशेषों की प्राप्ति
संकिसा (फर्रुखाबाद) बुद्ध के स्वर्ग से अवतरण की परंपरा
कौशाम्बी बुद्ध का प्रवास; अशोक का स्तंभ (अब प्रयागराज किले में)
जैन तीर्थ अयोध्या (ऋषभदेव, अजितनाथ आदि की परंपरा), हस्तिनापुर, मथुरा (कंकाली टीला)

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