Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read
समय-संवेदी विषय। पदधारकों (राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि) के नाम बदलते रहते हैं। यहाँ नाम अक्टूबर 2026 तक की जानकारी पर आधारित हैं — परीक्षा से पहले अद्यतन करें। ऐतिहासिक तिथियाँ स्थिर हैं।
ब्रिटिश काल में प्रशासनिक विकास
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1801–1803 | अवध से नवाब द्वारा इलाहाबाद-रुहेलखंड-गोरखपुर आदि क्षेत्र सौंपे गए (1801) तथा सिंधिया से आगरा-दिल्ली क्षेत्र जीते गए (1803) — ये "सीडेड एंड कॉन्क्वर्ड प्रोविंसेज़" कहलाए |
| 1833 | चार्टर एक्ट के तहत आगरा प्रेसीडेंसी की व्यवस्था प्रस्तावित हुई |
| 1836 | उत्तर-पश्चिमी प्रांत (North-Western Provinces) का गठन; लेफ्टिनेंट गवर्नर की नियुक्ति; राजधानी आगरा |
| 1856 | अवध का अंग्रेज़ी राज्य में विलय (वाजिद अली शाह को हटाकर) |
| 1858 | 1857 के बाद ब्रिटिश ताज का शासन |
| 1866 / 1869 | उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के उच्च न्यायालय की स्थापना (आगरा, 1866); 1869 में इलाहाबाद स्थानांतरित |
| 1877 | उत्तर-पश्चिमी प्रांत और अवध का एक ही लेफ्टिनेंट गवर्नर के अधीन संयुक्त प्रशासन |
| 1902 | "संयुक्त प्रांत आगरा और अवध" (United Provinces of Agra and Oudh) नाम अपनाया गया |
| 1921 | संयुक्त प्रांत को गवर्नर के प्रांत का दर्जा (मांटेग्यू–चेम्सफोर्ड सुधार, 1919 के बाद); सर हरकोर्ट बटलर पहले गवर्नर; राजधानी लखनऊ |
| 1935 / 1937 | भारत शासन अधिनियम 1935; 1937 के चुनाव — कांग्रेस ने मंत्रिमंडल बनाया |
| 1937 | गोविंद वल्लभ पंत संयुक्त प्रांत के प्रधानमंत्री (Premier) बने |
स्वतंत्रता के बाद गठन
- स्वतंत्रता (1947) के समय भी राज्य का नाम संयुक्त प्रांत था।
- 24 जनवरी 1950 — संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया (संविधान लागू होने से दो दिन पूर्व)।
- रियासतों का विलय: टिहरी गढ़वाल, रामपुर और बनारस रियासतें 1949 में संयुक्त प्रांत में मिलीं।
- राजधानी: लखनऊ।
- उच्च न्यायालय: इलाहाबाद (प्रयागराज) में मुख्य पीठ; लखनऊ खंडपीठ 1948 में।
राज्य के प्रथम पदधारक
| पद | नाम |
|---|---|
| प्रथम राज्यपाल | सरोजिनी नायडू (1947–49) |
| प्रथम मुख्यमंत्री | गोविंद वल्लभ पंत (1950–54; इससे पूर्व प्रधानमंत्री/Premier) |
| पहली महिला राज्यपाल / मुख्यमंत्री | सरोजिनी नायडू (राज्यपाल); सुचेता कृपलानी (1963–67), जो भारत के किसी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं |
| पहली दलित महिला मुख्यमंत्री | मायावती (पहली बार 1995) |
प्रमुख मुख्यमंत्री (क्रम सहित संक्षिप्त)
गोविंद वल्लभ पंत → संपूर्णानंद (1954–60) → चंद्र भानु गुप्त → सुचेता कृपलानी → चरण सिंह (1967, 1970) → हेमवती नंदन बहुगुणा → नारायण दत्त तिवारी → विश्वनाथ प्रताप सिंह → मुलायम सिंह यादव → कल्याण सिंह → मायावती → राजनाथ सिंह → अखिलेश यादव (2012–17) → योगी आदित्यनाथ (19 मार्च 2017 से; 2022 के चुनाव के बाद पुनः शपथ)।
क्रम और कार्यकाल पुस्तकों में भिन्न हो सकते हैं (राष्ट्रपति शासन और बीच-बीच के कार्यकाल)। केवल उन्हीं नामों पर भरोसा करें जो आपकी पुस्तक के अनुसार हों।