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उत्तर प्रदेश के भौतिक प्रदेश एवं जलवायु

उत्तर प्रदेश की स्थिति, क्षेत्रफल, सीमाएँ, तीन प्रमुख भौतिक विभाग (हिमालय का तराई-भाबर क्षेत्र, गंगा-यमुना का मैदान, दक्षिणी बुंदेलखंड-विंध्य पठार), मैदानी उप-क्षेत्र (दोआब, रुहेलखंड, अवध, पूर्वांचल), ऋतुएँ, वर्षा का वितरण, कृषि-जलवायु क्षेत्र और परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read

ध्यान दें। राज्य की भौगोलिक सीमाएँ 2000 में उत्तराखंड के अलग होने के बाद बदलीं। यहाँ वर्तमान उत्तर प्रदेश के तथ्य दिए गए हैं।

स्थिति और विस्तार

विवरण मान
क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किमी — भारत के क्षेत्रफल का लगभग 7.3 %; क्षेत्रफल में चौथा (राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के बाद)
अक्षांश-देशांतर लगभग 23°52′ से 30°28′ उत्तर और 77°3′ से 84°39′ पूर्व
जनसंख्या में स्थान पहला (2011)
राजधानी लखनऊ
अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल (उत्तर में)
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार
तटरेखा नहीं (स्थल-रुद्ध)

याद रखें। उत्तर प्रदेश की सीमा 8 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश (दिल्ली) से लगती है — कुल 9 पड़ोसी इकाइयाँ — तथा उत्तर में नेपाल से।

भौतिक विभाजन

उत्तर प्रदेश को सामान्यतः तीन प्राकृतिक भागों में बाँटा जाता है।

1. उत्तरी भाग — हिमालय का तराई-भाबर क्षेत्र

क्षेत्र विशेषता
भाबर शिवालिक की तलहटी में कंकड़-पत्थर वाली पतली पट्टी; नदियाँ यहाँ भूमिगत हो जाती हैं
तराई भाबर के दक्षिण में नम, दलदली, वनाच्छादित क्षेत्र; जिले — पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज
विशेषता भारी वर्षा, घने साल वन, दुधवा जैसे उद्यान, उपजाऊ चिकनी मिट्टी; गन्ना और धान

2. मध्य भाग — गंगा का विशाल मैदान

राज्य का सबसे बड़ा और सबसे उपजाऊ भाग (कुल क्षेत्रफल का लगभग तीन-चौथाई); यह जलोढ़ मिट्टी से बना है।

उप-क्षेत्र स्थान मुख्य नदियाँ / विशेषता
ऊपरी गंगा मैदान (पश्चिमी) सहारनपुर, मेरठ, मुज़फ़्फ़रनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली क्षेत्र गंगा–यमुना; गन्ना, गेहूँ; रुहेलखंड (रामगंगा के आसपास)
गंगा–यमुना दोआब आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा, इटावा, कानपुर, फतेहपुर, प्रयागराज दो नदियों के बीच; अत्यंत उपजाऊ; सिंचित कृषि
अवध का मैदान लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली गोमती, घाघरा, शारदा; घनी जनसंख्या
पूर्वांचल (निचला गंगा मैदान) वाराणसी, गोरखपुर, आज़मगढ़, बलिया, गाजीपुर, देवरिया घाघरा, राप्ती, गंडक; बाढ़ग्रस्त, धान की खेती

मैदानी भूमि के प्रकार

प्रकार अर्थ
भांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी; ऊँचे मैदान जहाँ बाढ़ नहीं पहुँचती; कंकड़ के निक्षेप
खादर नई जलोढ़; नदियों के बाढ़ क्षेत्र; अधिक उपजाऊ
ऊसर (रेह) क्षारीय भूमि; लवणों की अधिकता (लखनऊ, कानपुर, रायबरेली क्षेत्र में)
  • मैदान का ढाल उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है।
  • भूमि की ऊँचाई औसतन समुद्र तल से लगभग 100–300 मीटर।

3. दक्षिणी भाग — बुंदेलखंड और विंध्य पठार

क्षेत्र विवरण
बुंदेलखंड झाँसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बाँदा, महोबा, चित्रकूट; प्राचीन ग्रेनाइट-नाइस चट्टानें; पथरीला, अर्ध-शुष्क, सूखाग्रस्त
विंध्य क्षेत्र मिर्जापुर, सोनभद्र, कैमूर पहाड़ियाँ; बलुआ पत्थर; वनों और खनिजों से समृद्ध
सोनभद्र रिहंद बाँध; कोयला और बिजली-उत्पादन

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