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पूर्वी मैदानी प्रदेश

अरावली के पूर्व में फैले राजस्थान के पूर्वी मैदानी प्रदेश का विस्तार, जिले, जलवायु, मिट्टी, उप-विभाग (चंबल बेसिन व बीहड़, बनास-बाणगंगा बेसिन, मेवाड़ मैदान, माही बेसिन — छप्पन का मैदान और वागड़), नदियाँ, कृषि, जनसंख्या, उद्योग व परीक्षा-उपयोगी तथ्य।

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Last reviewed 1 Oct 2026 · Facts as of 1 Oct 2026 · 4 min read

ध्यान दें। क्षेत्रफल, वर्षा आदि के आँकड़े मोटे तौर पर प्रचलित मान्य हैं; स्रोतों के बीच थोड़ा अंतर संभव है।

परिचय

  • अरावली के पूर्व में फैला जलोढ़ मैदान; राज्य के क्षेत्रफल का लगभग 23 % और जनसंख्या का लगभग 39 %।
  • सबसे उपजाऊ, घनी जनसंख्या वाला और कृषि की दृष्टि से सर्वाधिक विकसित क्षेत्र।
  • ढाल: पश्चिम से पूर्व और दक्षिण से उत्तर की ओर; ऊँचाई लगभग 150–300 मी (समुद्र तल से)।
  • वर्षा: लगभग 50 से 80 सेमी (पूर्व की ओर बढ़ती); उप-आर्द्र जलवायु।
  • जिले: जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ (दक्षिणी भाग) आदि।
  • मिट्टी: जलोढ़ (दोमट) — बनास, चंबल, बाणगंगा, माही के निक्षेप; दक्षिण में लाल-पीली और काली।

उप-विभाग

1. चंबल बेसिन (बीहड़ क्षेत्र)

  • चंबल नदी से कटा-फटा; करौली, सवाई माधोपुर, धौलपुर में बीहड़ (अवनालिका अपरदन) — गहरी खाइयाँ, चंबल के बीहड़ों के लिए कुख्यात।
  • डांग क्षेत्र: करौली-धौलपुर के बीहड़ और पथरीले भाग (डाँग)।
  • चंबल के बीहड़ों का सुधार वृक्षारोपण, चेकडैम और भूमि समतलीकरण से।
  • राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य — कोटा से धौलपुर तक।

2. बनास बेसिन (मेवाड़ का मैदान)

  • भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, टोंक, सवाई माधोपुर (बनास का प्रवाह क्षेत्र) और उदयपुर के कुछ भाग।
  • बनास (उद्गम राजसमंद), बेड़च, कोठारी, खारी, मेनाल आदि सहायक।
  • उपजाऊ — मक्का, गेहूँ, जौ, सोयाबीन, मूँगफली।
  • भीलवाड़ा — वस्त्र उद्योग (राज्य का "मैनचेस्टर"), टोंक — नमदे।

3. बाणगंगा और गंभीर बेसिन (भरतपुर-अलवर-जयपुर)

  • बाणगंगा (जयपुर के बैराठ क्षेत्र से), रूपारेल, साबी, गंभीर आदि।
  • भरतपुर — केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (घना पक्षी विहार), गंभीर और बाणगंगा का जल-जमाव।
  • अलवर — सरसों का प्रमुख क्षेत्र (अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर); जयपुर — सर्वाधिक जनसंख्या का जिला।
  • मेवात क्षेत्र (अलवर-भरतपुर का भाग)।

4. माही बेसिन — छप्पन का मैदान और वागड़

क्षेत्र विस्तार विशेषता
छप्पन का मैदान बाँसवाड़ा-प्रतापगढ़-डूंगरपुर के बीच माही नदी के आस-पास 56 गाँवों के समूह के कारण नाम (परंपरा); माही का मैदान; उपजाऊ
वागड़ डूंगरपुर और बाँसवाड़ा भील जनजाति; माही और सोम-जाखम; अरावली की निचली श्रृंखला
कांठल प्रतापगढ़ माही का तटीय क्षेत्र ("कांठल" = किनारा)
  • माही (उद्गम मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में) — वागड़ की गंगा / कांठल की गंगा।
  • कर्क रेखा — बाँसवाड़ा और डूंगरपुर से गुजरती है (यहीं राज्य का सबसे दक्षिणी बिंदु)।
  • बाँसवाड़ा — सैकड़ों द्वीपों का शहर (माही के कारण "सौ द्वीपों का शहर")।
  • माही बजाज सागर परियोजना — बाँसवाड़ा; कागदी पिक-अप बाँध; राजस्थान का परमाणु बिजलीघर रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में चंबल पर है; बाँसवाड़ा में माही-बाँसवाड़ा परमाणु परियोजना प्रस्तावित/निर्माणाधीन बताई गई है (नवीनतम स्थिति देखें)।

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