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अपठित गद्यांश

अपठित गद्यांश के प्रश्नों को हल करने की विधि — पढ़ने की रणनीति, मूल भाव और शीर्षक, तथ्य-आधारित और अनुमान-आधारित प्रश्न, शब्दार्थ, भाषा-बिंदु (पर्याय, विलोम, उपसर्ग-प्रत्यय, मुहावरे), लेखक के दृष्टिकोण और शैली — कार्य-विधि, विकल्प काटने की युक्तियाँ और प्रश्न-उत्तर सहित दो पूर्ण अभ्यास गद्यांश।

📑 Contents (9 sections)

Last reviewed 1 Oct 2026 · 6 min read

अपठित गद्यांश क्या है?

अपठित का अर्थ है जो पहले पढ़ा न गया हो। परीक्षा में एक अनदेखा गद्यांश (80–300 शब्द) दिया जाता है और उसके आधार पर 4–10 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह पढ़ने की समझ, भाषा-ज्ञान और विश्लेषण परखता है। उत्तर गद्यांश में ही होता है — आपकी अपनी जानकारी या राय पर आधारित नहीं।

गद्यांश के प्रकार

प्रकार विशेषता
वर्णनात्मक किसी वस्तु, स्थान, घटना का वर्णन
विचारात्मक / चिंतनपरक किसी विषय पर विचार (शिक्षा, समाज, पर्यावरण)
निबंधात्मक तर्क और उदाहरणों सहित प्रस्तुति
संस्मरण / कथात्मक घटनाओं और अनुभवों का वर्णन
सूक्तिपरक / नीतिपरक शिक्षा, उपदेश
वैज्ञानिक / सूचनात्मक तथ्य, आँकड़े, विश्लेषण

पढ़ने की रणनीति

Formulaचरणबद्ध विधि
  1. पहले एक बार पूरा गद्यांश सामान्य गति से पढ़ें; विषय और केंद्रीय विचार पकड़ें।
  2. पहले और अंतिम वाक्य पर विशेष ध्यान दें — मुख्य विचार प्रायः वहीं होता है।
  3. 'किंतु, परंतु, लेकिन, इसलिए, अतः' जैसे शब्द देखें — वहाँ विचार मुड़ता है।
  4. फिर प्रश्न पढ़ें और संबंधित अंश गद्यांश में दोबारा खोजें।
  5. विकल्पों को काटें — अति (हमेशा, कभी नहीं, केवल) वाले, गद्यांश से बाहर वाले और उलटे अर्थ वाले विकल्प प्रायः ग़लत होते हैं।

प्रश्नों के प्रकार

1. शीर्षक / मूल भाव

  • शीर्षक पूरे गद्यांश का सार हो — संक्षिप्त, सटीक, विषय-केंद्रित।
  • मूल भाव में एकांगी (केवल एक अंश वाला) या बहुत व्यापक विकल्प न चुनें।

2. तथ्य-आधारित (सीधे गद्यांश से)

'गद्यांश के अनुसार…', 'लेखक ने कहा है…' — उत्तर गद्यांश के किसी वाक्य में सीधे होता है; शब्दों के हेर-फेर (पर्याय) से विकल्प बदले जा सकते हैं।

3. अनुमान-आधारित (निष्कर्ष)

'इससे यह निष्कर्ष निकलता है…', 'लेखक का आशय…' — उत्तर सीधे नहीं लिखा होता, पर गद्यांश से तर्कसंगत निकलता है। अति-व्याप्त निष्कर्ष से बचें।

4. शब्दार्थ / भाषा संबंधी

  • गद्यांश के शब्द का अर्थ, पर्याय, विलोम।
  • उपसर्ग/प्रत्यय, संधि, समास, मुहावरा, वाक्य-शुद्धि।
  • रेखांकित शब्द का प्रसंगानुसार अर्थ।

5. दृष्टिकोण / शैली / भाव

  • लेखक का दृष्टिकोण — आशावादी, निराशावादी, व्यंग्यात्मक, गंभीर, उपदेशात्मक, आलोचनात्मक।
  • भाषा-शैली — सरल, तत्सम-प्रधान, व्यंग्यपूर्ण, भावुक।

6. 'कौन-सा कथन सही/ग़लत है'

प्रत्येक कथन को गद्यांश से मिलाइए; 'सभी', 'कभी नहीं' जैसे चरम शब्द वाले कथन प्रायः ग़लत।

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