Last reviewed 1 Oct 2026 · 6 min read
अशुद्धि संशोधन क्या है?
इस प्रकार के प्रश्नों में दिए गए शब्दों में से शुद्ध (या अशुद्ध) शब्द पहचानना होता है। अशुद्धियाँ मुख्यतः वर्तनी (spelling) की होती हैं — मात्रा, वर्ण, संयुक्ताक्षर, अनुस्वार/अनुनासिक, श/ष/स आदि में।
शब्द की उत्पत्ति (तत्सम — संस्कृत से ज्यों का त्यों; तद्भव — बिगड़कर बना) जानना वर्तनी याद रखने में सबसे बड़ी सहायता है।
1. मात्रा संबंधी अशुद्धियाँ
ह्रस्व (ि, ु) और दीर्घ (ी, ू)
| अशुद्ध | शुद्ध | नोट |
|---|---|---|
| कवियत्री | कवयित्री | कवि + त्री |
| परिक्षा | परीक्षा | |
| अतिथी | अतिथि | |
| कालीदास | कालिदास | |
| सुची | सूची | |
| पूजनिय | पूजनीय | -ईय प्रत्यय |
| प्रतिक्षा | प्रतीक्षा | |
| ग्रहीत | गृहीत | |
| निरिक्षण | निरीक्षण | |
| श्रीमति | श्रीमती | |
| पत्नि | पत्नी | |
| दिपक | दीपक | |
| आर्शीवाद | आशीर्वाद | |
| उन्नती | उन्नति |
नियम: 'ई' प्रत्यय (हिंदी): गरीबी, दोस्ती; तत्सम में -ि अंत शब्द (कवि, रवि, अतिथि, तिथि, निधि, विधि, अग्नि, ऋषि, मुनि) ह्रस्व इकारांत होते हैं, पर स्त्रीलिंग -ी (नदी, पत्नी, देवी, लक्ष्मी, कवयित्री)।
2. अनुस्वार और अनुनासिक संबंधी
| अशुद्ध | शुद्ध |
|---|---|
| हंसी | हँसी (हँसना की क्रिया-भाव) |
| चाद | चाँद |
| गाव | गाँव |
| आख | आँख |
| पूछ (पूँछ के अर्थ में) | पूँछ |
| मुह | मुँह |
| काच | काँच |
| सास | साँस |
| बाटना | बाँटना |
| सन्सार | संसार |
| सन्तोष | संतोष |
नियम: शिरोरेखा के ऊपर मात्रा हो तो चंद्रबिंदु की जगह बिंदु (नहीं, में, मैं, कहीं, हैं, गोंद); बिना ऊपरी मात्रा वाले शब्दों में चंद्रबिंदु (आँख, चाँद, गाँव)।
3. श, ष, स संबंधी
| शुद्ध | अशुद्ध (सामान्य) |
|---|---|
| शेष | शेश |
| विशेष | विषेश |
| शुद्ध | सुद्ध |
| शृंगार | श्रृंगार (अधिक प्रचलित गलत रूप) |
| शोषण | शोसण |
| प्रकाश | प्रकास |
| अभिलाषा | अभिलासा |
| विषय | विशय |
| भाषा | भासा |
| संतोष | सन्तोस |
| पुरुष | पुरुश |
| उपासना | उपाशना |
| निशा | निसा |
| शासन | सासन |
| सुषमा | सुसमा |
| दोष | दोश |
| अशोक | असोक |
| वर्षा | वर्शा |
| शिक्षा | सिक्षा |
नियम: 'ष' के बाद ट-वर्ग (ट, ठ) आता है — कष्ट, पुष्ट, षष्ठ, निष्ठा, स्पष्ट; 'ष' हिंदी के अपने शब्दों में नहीं आता, तत्सम में आता है।
4. ण/न, ब/व, ऋ/रि संबंधी
| शुद्ध | अशुद्ध |
|---|---|
| प्रणाम | प्रनाम |
| कारण | कारन |
| ऋण | रिन |
| ऋषि | रिषि |
| कृपा | क्रिपा |
| गृह | ग्रह (अलग अर्थ) |
| वृक्ष | व्रक्ष |
| दृष्टि | द्रष्टि |
| सृष्टि | स्रष्टि |
| अमृत | अम्रित |
| हृदय | ह्रदय |
| मृत्यु | म्रत्यु |
| पृथ्वी | प्रथ्वी |
| नृत्य | न्रित्य |
ध्यान दें: 'ऋ' स्वर है (ऋषि, ऋतु); 'रि' (रिश्ता, रिक्त)।